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Haryana Fish Farming Subsidy: हरियाणा सरकार का धमाका: मछली पालकों को अब 40 दिन में मिलेगी सब्सिडी, सेवा का अधिकार अधिनियम लागू

AAmandeep Singh
हरियाणा सरकार का धमाका: मछली पालकों को अब 40 दिन में मिलेगी सब्सिडी, सेवा का अधिकार अधिनियम लागू
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हरियाणा। हरियाणा सरकार ने प्रदेश में मत्स्य पालन को एक लाभकारी उद्योग के रूप में स्थापित करने के लिए ‘रेड टेपिज़्म’ यानी लालफीताशाही पर कड़ा प्रहार किया है। प्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी एक ताजा अधिसूचना के मुताबिक, मत्स्य पालन विभाग की महत्वपूर्ण सेवाओं को ‘हरियाणा सेवा का अधिकार अधिनियम 2014’ के दायरे में ला दिया गया है। इस कदम का सीधा अर्थ यह है कि अब मछली पालकों को अपनी सब्सिडी या सहायता राशि के लिए महीनों तक इंतजार नहीं करना होगा। यदि तय समय सीमा के भीतर काम नहीं हुआ, तो संबंधित अधिकारी को इसका ठोस कारण बताना होगा।

मशीनरी और इंफ्रास्ट्रक्चर पर तुरंत राहत

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सघन मत्स्य पालन विकास कार्यक्रम के तहत अब किसानों को लोडिंग ऑटो, फोर व्हीलर या ट्रॉली के साथ मिनी ट्रैक्टर खरीदने पर मिलने वाली सब्सिडी के लिए केवल 40 दिन का इंतजार करना होगा। अक्सर देखा गया है कि किसान कर्ज लेकर मशीनरी तो खरीद लेते थे, लेकिन सरकारी प्रोत्साहन राशि मिलने में हो रही देरी उनकी आर्थिक कमर तोड़ देती थी। अब 40 दिनों की इस ‘डेडलाइन’ से मत्स्य पालकों को बड़ी वित्तीय राहत मिलेगी।

‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ को मिली नई धार

सरकार ने केवल छोटे उपकरणों तक ही इस छूट को सीमित नहीं रखा है। अधिसूचित सेवाओं की सूची में ‘प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना’ (PMMSY) की कई बड़ी परियोजनाओं को भी जोड़ा गया है। इसमें आनुवंशिक सुधार कार्यक्रम, न्यूक्लियस प्रजनन केंद्रों (NBC) की स्थापना और नवाचार आधारित स्टार्ट-अप्स के लिए मिलने वाली सब्सिडी शामिल है। इसके अलावा, ताजे पानी की सजावटी मछलियों के ब्रीडिंग सेंटर और ब्रूड बैंक की स्थापना के लिए भी अब पारदर्शी तरीके से मदद मिल सकेगी।

कोल्ड स्टोरेज और ई-मार्केटिंग से बढ़ेगी कमाई

मछली एक जल्दी खराब होने वाला उत्पाद है, इसलिए इसके भंडारण के लिए कोल्ड स्टोरेज और आइस प्लांट की अहमियत सबसे ज्यादा है। नई अधिसूचना के तहत, इन इकाइयों के आधुनिकीकरण और मछली मूल्य वर्धित उद्यम (Value Addition Units) लगाने के लिए भी अब त्वरित सहायता दी जाएगी। साथ ही, डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देते हुए ई-ट्रेडिंग और ई-मार्केटिंग प्लेटफॉर्म विकसित करने वाले उद्यमियों को भी इस समयबद्ध सेवा का लाभ मिलेगा।

क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण पर भी फोकस

अधिसूचना में प्रशिक्षण, जागरूकता शिविर और क्षमता निर्माण कार्यक्रमों के लिए दी जाने वाली सहायता को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य हरियाणा के युवाओं को मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकों से जोड़ना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रशासनिक सुधार से न केवल प्रदेश में मछली उत्पादन बढ़ेगा, बल्कि निर्यात (Export) की संभावनाओं को भी नए पंख लगेंगे।

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