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Haryana horticulture scheme: 1 एकड़ में लगाएं फलदार बाग और सीधे पाएं 42,000 रुपये की सब्सिडी

AAmandeep Singh
Haryana horticulture scheme: 1 एकड़ में लगाएं फलदार बाग और सीधे पाएं 42,000 रुपये की सब्सिडी
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हरियाणा। हरियाणा के किसानों का रुझान अब पारंपरिक फसलों के चक्रव्यूह से निकलकर बागवानी की तरफ तेजी से बढ़ने लगा है। किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने भी अपनी योजनाएं जमीन पर उतार दी हैं। इसी कड़ी में सरकार ने सूबे में बाग लगाने वाले किसानों के लिए तिजोरी खोल दी है, जिसके तहत एक एकड़ में फलदार बाग तैयार करने पर 42 हजार रुपये की वित्तीय सहायता यानी सब्सिडी दी जा रही है। इस योजना के दायरे में नींबू, अमरूद, कीनू, संतरा, मौसमी और अनार जैसे फलदार पौधों के बागों को शामिल किया गया है, जिनका बाजार में हमेशा अच्छा दाम मिलता है।

आधे एकड़ से लेकर 5 एकड़ तक का नियम, टपका सिंचाई जरूरी

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इस सरकारी योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ जरूरी शर्तें भी तय की गई हैं। जिला बागवानी विभाग के मुताबिक, बाग लगाने के इच्छुक किसान के पास कम से कम आधा एकड़ और अधिकतम 5 एकड़ कृषि योग्य भूमि होनी अनिवार्य है। वहीं, बागवानी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए मानक तय किए गए हैं कि एक एकड़ के भीतर न्यूनतम 110 पौधे लगाए जाने चाहिए। इसके लिए खेतों में 3 फीट के गड्ढे खोदकर वैज्ञानिक तरीके से पौधारोपण किया जाता है। खास बात यह है कि पानी की बचत और पौधों के बेहतर विकास के लिए इस योजना में ‘टपका सिंचाई प्रणाली’ (ड्रिप इरिगेशन) को पूरी तरह अनिवार्य रखा गया है।

ट्रैक्टर और स्प्रे पंप जैसे कृषि यंत्रों पर भी भारी छूट

योजना की बारीकियों को साझा करते हुए जिला बागवानी अधिकारी (झज्जर) डॉ. राजेंद्र लाठर ने बताया कि सरकार का असली मकसद किसानों की आय के स्रोतों को बढ़ाना और उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों से रूबरू कराना है। सिर्फ पौधों पर ही नहीं, बल्कि बागवानी के काम को आसान बनाने वाली आधुनिक मशीनरी पर भी सरकार 40 से 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी मुहैया करा रही है। इस रियायत के दायरे में छोटे 20 एचपी (हॉर्स पावर) के ट्रैक्टर और हाई-टेक स्प्रे पंप जैसे जरूरी उपकरण शामिल हैं, जिन्हें खरीदना अब आम किसान के बजट में आ गया है।

पाटोदा और महराणा के किसान बने मिसाल

विभाग की इस मुहिम और लगातार मिल रही तकनीकी जानकारियों का असर अब खेतों में दिखने लगा है। झज्जर जिले के पाटोदा गांव के रहने वाले किसान गंगा और महराणा गांव के दुष्यंत जैसे कई प्रगतिशील जमींदार इस योजना का लाभ उठाकर अपने खेतों में फलदार बाग लहलहा रहे हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग का बागवानी कार्यालय लगातार गांवों में कैंप लगाकर किसानों को मिट्टी की जांच से लेकर सही खाद-पानी देने तक की लाइव ट्रेनिंग दे रहा है, जिससे प्रभावित होकर हर रोज दर्जनों नए किसान इस मुहिम से जुड़ने के लिए ऑनलाइन आवेदन कर रहे हैं।

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