हरियाणा। हरियाणा के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को लेकर अक्सर यह धारणा रही है कि वे विदेशी भाषाओं के मामले में निजी स्कूलों के छात्रों से पिछड़ जाते हैं। लेकिन अब स्कूल शिक्षा विभाग इस खाई को पाटने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना पर काम कर रहा है। विभाग जर्मन एंबेसी (दूतावास) के साथ हाथ मिलाकर सरकारी स्कूलों के पाठ्यक्रम में जर्मन भाषा को जोड़ने जा रहा है। इस कदम से ग्रामीण और सामान्य पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों को भी वैश्विक स्तर की भाषा सीखने का मौका घर बैठे मिलेगा।
शिक्षकों का तैयार होगा स्पेशल पूल, एमआईएस पोर्टल पर प्रक्रिया शुरू
इस योजना को धरातल पर उतारने के लिए सबसे बड़ी चुनौती योग्य शिक्षकों की उपलब्धता है। इसी को ध्यान में रखते हुए शिक्षा विभाग ने पहले चरण में अपने मौजूदा स्टाफ को ही प्रशिक्षित करने का फैसला लिया है। इसके तहत एक मजबूत ‘टीचर्स पूल’ तैयार किया जा रहा है। विभाग ने बकायदा एमआईएस (MIS) पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन विंडो खोली है, जहां शिक्षक इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए अपनी सहमति दे रहे हैं।
इन विषयों के टीचर्स कर सकेंगे अप्लाई, सर्टिफिकेट वालों को तरजीह
विभाग की ओर से जारी गाइडलाइंस के मुताबिक, सभी शिक्षक इस कोर्स के लिए पात्र नहीं होंगे। केवल पीजीटी (अंग्रेजी), टीजीटी (अंग्रेजी) और टीजीटी (सामाजिक अध्ययन) के अध्यापकों को ही इस प्रोग्राम से जुड़ने की अनुमति दी गई है। आवेदन करते समय यदि किसी शिक्षक के पास पहले से जर्मन या किसी अन्य विदेशी भाषा का कोई डिप्लोमा या सर्टिफिकेट है, तो उसे फॉर्म में इसकी जानकारी साझा करनी होगी। हालांकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल रुचि पत्र (EOI) भरने भर से किसी भी शिक्षक का चयन फाइनल नहीं माना जाएगा।
उच्च शिक्षा और रोजगार के खुलेंगे नए द्वार, चरणबद्ध तरीके से लागू होगी योजना
शिक्षकों के आवेदन की आखिरी तारीख 20 मई 2026 तय की गई थी। इस समय सीमा के भीतर आए आवेदनों की स्क्रूटनी के बाद चयनित शिक्षकों को जर्मन भाषा का कड़ा और विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद, राज्य के चुनिंदा सरकारी स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे वैकल्पिक विषय के रूप में लॉन्च किया जाएगा। शिक्षा क्षेत्र के विशेषज्ञों का मानना है कि विदेशी भाषाओं की पकड़ होने से हरियाणा के सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए भविष्य में उच्च शिक्षा, स्कॉलरशिप और विदेशों में रोजगार के नए एवं सुनहरे रास्ते खुलेंगे।

