CBSE New Rules: स्कूली पढ़ाई के दौरान सही दिशा और विषयों का चयन छात्रों के भविष्य की नींव तय करता है। इसी को ध्यान में रखते हुए सीबीएसई ने 9वीं और 10वीं कक्षा के पठन-पाठन और परीक्षा प्रणाली में दूरगामी बदलाव किए हैं। बोर्ड द्वारा लागू किए गए इन नए नियमों का सीधा प्रभाव छात्रों के विषय चयन से लेकर 10वीं के फाइनल बोर्ड रिजल्ट तक दिखाई देगा। नए बदलावों के तहत जहां 9वीं कक्षा के सिलेबस का दायरा बढ़ाया गया है, वहीं मुख्य विषयों में पिछड़ने वाले छात्रों को राहत देने के लिए स्किल बेस्ड सब्जेक्ट्स को सुरक्षा कवच बनाया गया है।
9वीं कक्षा में अब पढ़ने होंगे 9 विषय, वोकेशनल एजुकेशन हुई अनिवार्य
सीबीएसई की नई योजना के तहत 9वीं के छात्रों को कुल 9 विषयों का अध्ययन करना होगा। इनमें तीन भाषाएं (Languages), गणित, विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, कला शिक्षा, शारीरिक शिक्षा व कल्याण और व्यावसायिक शिक्षा शामिल हैं। खास बात यह है कि व्यावसायिक शिक्षा को अनिवार्य कर दिया गया है।
इसके तहत छात्र स्किल डेवलपमेंट या फिर बोर्ड द्वारा तय किए गए 22 कौशल विषयों (Skill Subjects) में से किसी एक को अपनी पसंद के अनुसार चुन सकेंगे। यही बैच जब सत्र 2027-28 में 10वीं कक्षा में पहुंचेगा, तब उनके पाठ्यक्रम से पर्यावरण शिक्षा को बाहर कर दिया जाएगा। मौजूदा सत्र के 10वीं के विद्यार्थियों पर पुराने नियम ही लागू रहेंगे।
गणित या विज्ञान में फेल होने पर बचाएगा स्किल सब्जेक्ट, ऐसे तैयार होगा 10वीं का रिजल्ट
मूल्यांकन प्रणाली को लेकर सीबीएसई ने एक क्रांतिकारी प्रावधान जोड़ा है। यदि 10वीं बोर्ड परीक्षा में कोई छात्र गणित, विज्ञान या सामाजिक विज्ञान जैसे मुख्य विषय में 33 प्रतिशत से कम अंक लाता है और वह अनुत्तीर्ण (Fail) हो जाता है, लेकिन उसने 22 कौशल विषयों में से किसी एक विषय की बोर्ड परीक्षा पास कर ली है, तो फेल वाले मुख्य विषय को स्किल सब्जेक्ट के मार्क्स से बदल दिया जाएगा।
यानी स्किल विषय में पास होने पर छात्र को ओवरऑल पास घोषित कर दिया जाएगा। हालांकि, यह सुविधा केवल उन छात्रों को मिलेगी जिन्होंने बोर्ड परीक्षा वाले 22 कौशल विषयों को चुना है, स्कूल स्तर पर मूल्यांकित होने वाले बेसिक स्किल डेवलपमेंट का चुनाव करने वालों को यह लाभ नहीं मिलेगा।
10वीं में 5 मुख्य विषयों में पास होना जरूरी, एआई (AI) को लेकर भी स्थिति साफ
10वीं के नए पासिंग फॉर्मूले के अनुसार, छात्रों को 5 मुख्य विषयों में पास होना अनिवार्य होगा, जिनमें दो भाषाएं, गणित, साइंस और सोशल साइंस शामिल हैं। प्रत्येक विषय में स्कूल के इंटरनल असेसमेंट और बोर्ड थ्योरी परीक्षा के अंकों को मिलाकर कम से कम 33 फीसदी अंक हासिल करने होंगे।
तीसरी भाषा, आर्ट एजुकेशन और फिजिकल एजुकेशन का असेसमेंट स्कूल स्तर पर ही किया जाएगा। बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि भले ही एआई (AI) मॉड्यूल में बदलाव हुए हों, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस अभी भी एक प्रमुख स्किल सब्जेक्ट के रूप में उपलब्ध रहेगा। इसके अलावा, यदि छात्र अतिरिक्त वैकल्पिक भाषा में पास होता है, तो वह पहली या दूसरी भाषा में फेल होने पर उसे रिप्लेस कर सकेगा। विशेष आवश्यकता वाले (CWSN) विद्यार्थियों के लिए विषय चयन में अलग से ढील दी गई है।

