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Pradhan Mantri Awas Yojana Haryana: हरियाणा में घर का सपना सच: 60 शहरों में 2300 नए मकानों को मिली मंजूरी

AAmandeep Singh
हरियाणा में घर का सपना सच: 60 शहरों में 2300 नए मकानों को मिली मंजूरी
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हरियाणा। चंडीगढ़ में हुई एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद हरियाणा के शहरी गरीबों के लिए खुशियों वाली खबर आई है। राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-U) 2.0 के क्रियान्वयन में तेजी लाते हुए 60 शहरी स्थानीय निकायों में करीब 2300 नए आवासों के निर्माण को अपनी मंजूरी दे दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की अध्यक्षता में हुई ‘राज्य स्तरीय स्वीकृति एवं निगरानी समिति’ (SLSMC) की इस बैठक में उन परिवारों की उम्मीदों को पंख लगे हैं, जो लंबे समय से पक्की छत के लिए सरकारी मदद का इंतजार कर रहे थे। खास बात यह है कि इस सूची में 51 निकायों के पुराने प्रस्तावों के साथ-साथ 9 नए निकायों से आए करीब 300 ताजा मामलों को भी शामिल कर लिया गया है।

ढाई लाख रुपये की मिलेगी सीधी मदद: केंद्र और राज्य का साझा प्रयास

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इस योजना की सबसे बड़ी ताकत इसका वित्तीय ढांचा है, जो सीधे लाभार्थी के खाते में पैसा पहुंचाता है। नियम के मुताबिक, जिन परिवारों के पास अपना छोटा प्लॉट है, वे ‘बेनिफिशियरी लेड कंस्ट्रक्शन’ (BLC) मॉडल के तहत घर बना सकेंगे। इसके लिए उन्हें कुल 2.50 लाख रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी। इसमें 1.50 लाख रुपये का योगदान केंद्र सरकार का होगा, जबकि 1 लाख रुपये का भार हरियाणा सरकार वहन करेगी। सरकार का मकसद सिर्फ पैसे देना ही नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि बनने वाले मकान भले ही आकार में छोटे हों, लेकिन वे तकनीकी रूप से मजबूत हों और उनमें शौचालय, बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य रूप से मौजूद हों।

जमीनी स्तर पर सत्यापन तेज, ढाई लाख लोगों ने जताई है घर की इच्छा

हरियाणा में घर की जरूरत कितनी व्यापक है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि केंद्र के आधिकारिक पोर्टल पर अब तक करीब ढाई लाख से अधिक आवेदन दर्ज हो चुके हैं। प्रशासन ने इन आवेदनों की छंटनी और वेरिफिकेशन का काम युद्ध स्तर पर शुरू किया हुआ है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, अब तक 46 हजार से अधिक आवेदनों की जमीनी पड़ताल (वेरिफिकेशन) पूरी कर ली गई है, जिनमें से 17 हजार पात्र लोगों को घर बनाने की औपचारिक अनुमति मिल चुकी है। मुख्यमंत्री का स्पष्ट निर्देश है कि वेरिफिकेशन की प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए ताकि कोई भी जरूरतमंद इस योजना के लाभ से वंचित न रह जाए।

कैसे होगा निर्माण और क्या हैं सरकार की शर्तें?

शहरी निकायों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले लाभार्थियों को निर्माण प्रक्रिया में तकनीकी सहयोग भी प्रदान करें। सरकार ने मकानों के न्यूनतम मानक तय किए हैं, ताकि लाभार्थियों को रहने के लिए एक सम्मानजनक जगह मिल सके। बैठक में मुख्य सचिव ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि राशि का भुगतान निर्माण की प्रगति के आधार पर किस्तों में किया जाए, जिससे भ्रष्टाचार की गुंजाइश खत्म हो और गरीब परिवार बिना किसी बाधा के अपने सपनों का घर पूरा कर सकें।

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