Haryana GST Revenue Growth: हरियाणा के खजाने में बड़ा उछाल- सितंबर में SGST कलेक्शन 14% बढ़कर 4,445 करोड़ पहुंचा
हरियाणा के खजाने में बड़ा उछाल- सितंबर में SGST कलेक्शन 14% बढ़कर 4,445 करोड़ पहुंचा
Haryana GST Revenue Growth: हरियाणा की अर्थव्यवस्था और व्यापारिक गतिविधियों के लिए सितंबर का महीना बेहद उत्साहजनक आंकड़े लेकर आया है। राज्य सरकार के खजाने में स्टेट जीएसटी (SGST) की मद से होने वाली आय में बड़ी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सितंबर 2026 के दौरान हरियाणा के नेट एसजीएसटी राजस्व में 14 प्रतिशत की ठोस वृद्धि देखी गई है। इस आंकड़े ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि औद्योगिक और कारोबारी सुगमता के मामले में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है।
सितंबर में मिले 4,445 करोड़ रुपये, एक साल में 561 करोड़ की सीधी बढ़त
आधिकारिक आंकड़ों पर नजर डालें तो सितंबर 2026 में हरियाणा का नेट एसजीएसटी कलेक्शन बढ़कर 4,445 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। अगर इसकी तुलना बीते साल के इसी महीने से करें, तो सितंबर 2025 में यह आंकड़ा 3,884 करोड़ रुपये दर्ज किया गया था। यानी महज एक साल के भीतर सितंबर महीने के कलेक्शन में ही राज्य को करीब 561 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ है।
बात केवल एक महीने की नहीं है, बल्कि चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही (अप्रैल से सितंबर 2026) का पूरा रिपोर्ट कार्ड ही राज्य की मजबूत आर्थिक स्थिति की गवाही दे रहा है। इस छह महीने की अवधि में कुल नेट एसजीएसटी संग्रह 29,108 करोड़ रुपये दर्ज किया गया है। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह संग्रह 23,058 करोड़ रुपये था, यानी कुल मिलाकर इस बार 26 फीसदी की भारी-भरकम बढ़त दर्ज की गई है।
आखिर कैसे चमका हरियाणा का खजाना?
टैक्स मामलों के जानकारों और प्रशासनिक विशेषज्ञों की मानें तो इस शानदार प्रदर्शन के पीछे सरकार की नीतियों और तकनीक का बेहतर इस्तेमाल सबसे बड़ी वजह रहा है।
तकनीकी कसावट: टैक्स चोरी रोकने के लिए डेटा का एडवांस एनालिसिस किया गया, जिससे राजस्व को होने वाले संभावित नुकसान को समय रहते पकड़ा जा सका।
पारदर्शी व्यवस्था: राज्य में टेक्नोलॉजी-बेस्ड टैक्स सिस्टम को बढ़ावा देने से करदाताओं के लिए प्रक्रिया काफी आसान और पारदर्शी हुई है।
स्वैच्छिक टैक्स अनुपालन: व्यापारियों और उद्योगपतियों में खुद आगे बढ़कर समय पर टैक्स भरने की प्रवृत्ति (Voluntary Compliance) बढ़ी है।
अनुकूल कारोबारी माहौल: राज्य में औद्योगिक माहौल को आसान और पारदर्शी बनाने से व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आई है, जिसका सीधा फायदा सरकारी खजाने को मिला है।
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