हरियाणा। हरियाणा में सरकारी नौकरी की आस लगाए बैठे युवाओं के लिए एक बड़ी और महत्वपूर्ण खबर है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के विभिन्न पदों का संशोधित परिणाम जारी कर दिया है। लंबे समय से कानूनी दांवपेंच में फंसी इन भर्तियों के नतीजों को आखिरकार पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के आदेश के बाद दुरुस्त किया गया है। आयोग द्वारा जारी इस नई सूची से कई नए चेहरों के चयन का रास्ता साफ हुआ है, तो वहीं मेरिट में तकनीकी बदलाव भी देखने को मिले हैं।
ग्रुप-सी और 2018 की ग्रुप-डी खेल कोटा भर्ती का दोबारा आया रिजल्ट
आयोग से मिली जानकारी के मुताबिक, इस संशोधित परिणाम का मुख्य असर साल 2023 में आयोजित हुई ग्रुप-सी की परीक्षाओं पर पड़ा है। इसमें विशेष रूप से बिजली विभागों में असिस्टेंट लाइनमैन (ALM) और दमकल विभाग में ‘फायरमैन कम ड्राइवर’ सहित कई तकनीकी पदों की सूचियों को दोबारा खंगाला गया है। इसके साथ ही, एक बड़ा फैसला लेते हुए आयोग ने साल 2018 में शुरू हुई ग्रुप-डी की भर्ती के अंतर्गत खेल कोटे (Sports Quota) के पदों का परिणाम भी नए सिरे से जारी किया है। दरअसल, खेल प्रमाण पत्रों और पात्रता को लेकर लंबे समय से कोर्ट में विवाद चल रहा था, जिस पर अब स्थिति स्पष्ट की गई है।
चेयरमैन हिम्मत सिंह का नया फॉर्मूला: शिकायत के लिए नहीं काटने होंगे चक्कर
HSSC के नवनियुक्त अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने पदभार ग्रहण करते ही युवाओं की सहूलियत के लिए डिजिटल रुख अपनाया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से सभी सफल उम्मीदवारों को बधाई दी और परिणाम को लेकर पैदा होने वाले संशयों पर विराम लगाया। चेयरमैन ने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी अभ्यर्थी को अपने नंबरों, कट-ऑफ या चयन प्रक्रिया को लेकर कोई आपत्ति है, तो उन्हें पंचकूला स्थित आयोग के दफ्तर के चक्कर काटकर अपना समय बर्बाद करने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
गूगल फॉर्म से होगा समाधान: आयोग ने अभ्यर्थियों की शिकायतों के त्वरित निपटारे के लिए एक विशेष ‘गूगल फॉर्म’ (Google Form) का लिंक जारी किया है। कोई भी उम्मीदवार इस फॉर्म के जरिए अपनी आपत्ति और दस्तावेज सीधे आयोग के चेयरमैन और तकनीकी टीम तक पहुंचा सकता है, जहां हर एक शिकायत की बारीकी से समीक्षा की जाएगी।
कोर्ट के तय नियमों के तहत ही मिली हरी झंडी
चेयरमैन हिम्मत सिंह ने साफ तौर पर कहा कि जिन भी अभ्यर्थियों का परिणाम तकनीकी कारणों से होल्ड पर रखा गया था या जिनमें बदलाव हुए हैं, वे सभी कदम पूरी तरह से हाई कोर्ट के दिशा-निर्देशों और तय कानूनी पैमानों के तहत उठाए गए हैं। इसमें किसी भी स्तर पर नियमों की अनदेखी नहीं की गई है। संबंधित अभ्यर्थी आयोग की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर अपना रोल नंबर और संशोधित मेरिट लिस्ट चेक कर सकते हैं।

