हरियाणा। हरियाणा के शिक्षा जगत से जेबीटी, टीजीटी और पीजीटी अध्यापकों की भर्ती की तैयारी में जुटे युवाओं के लिए एक बेहद शानदार और सुकून देने वाली खबर आई है। प्रदेश सरकार ने शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी एचटीईटी (HTET) और एसटीईटी (STET) पास कर चुके अभ्यर्थियों के हक में एक बड़ा नीतिगत फैसला लिया है। शिक्षा विभाग के नए आदेशों के मुताबिक, इन परीक्षाओं को पास करने के बाद मिलने वाले योग्यता प्रमाण-पत्र अब हमेशा के लिए वैध रहेंगे। यानी एक बार परीक्षा पास करने के बाद युवाओं को बार-बार अपनी योग्यता साबित करने के लिए परीक्षा के भंवर में नहीं फंसना पड़ेगा।
शिक्षा विभाग ने जारी की अधिसूचना, पुराने पासआउट्स को भी सीधा फायदा
इस बेहद संवेदनशील और जरूरी विषय पर विद्यालय शिक्षा विभाग ने बकायदा आधिकारिक पत्र जारी कर स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। सरकार के इस कदम की सबसे खास बात यह है कि इसका लाभ सिर्फ आने वाले दिनों में परीक्षा पास करने वाले नए लड़कों को ही नहीं, बल्कि उन पुराने अभ्यर्थियों को भी मिलेगा जो पहले ही इस पड़ाव को पार कर चुके हैं। विभाग ने अपने दिशा-निर्देशों में दोटूक कहा है कि पूर्व में जारी हो चुके प्रमाण-पत्रों को भी स्वतः ही जीवनभर के लिए मान्य मान लिया गया है। इसके लिए अभ्यर्थियों को विभाग की तरफ से कोई नया दस्तावेज जारी करवाने की कतई आवश्यकता नहीं है।
बार-बार परीक्षा देने की सिरदर्दी खत्म, समय और पैसे दोनों की होगी बचत
इस फैसले के दूरगामी नतीजों को देखें तो यह सूबे के बेरोजगार युवाओं के हक में एक बड़ा संबल साबित होने जा रहा है। अब तक एक निश्चित समयसीमा (जो पहले 5 और फिर 7 साल थी) बीत जाने के बाद अभ्यर्थियों के सर्टिफिकेट महज रद्दी का टुकड़ा बन जाते थे। इसके चलते युवाओं को नौकरी की आस में बार-बार भारी-भरकम फीस भरकर दोबारा परीक्षा देनी पड़ती थी। इस नई व्यवस्था से न केवल अभ्यर्थियों के कीमती समय और पैसों की बड़ी बचत होगी, बल्कि बार-बार की मानसिक प्रताड़ना से भी उन्हें हमेशा के लिए मुक्ति मिल जाएगी।
असमंजस के बादल छंटे, अब सिर्फ भर्ती परीक्षाओं पर रहेगा फोकस
प्रमाण-पत्रों की समयसीमा को लेकर प्रदेश के युवाओं में लंबे समय से ऊहापोह और असमंजस की स्थिति बनी हुई थी। कई बार यह मामला कोर्ट-कचहरी और प्रशासनिक फाइलों में भी उलझता दिखा, जिससे आने वाली शिक्षक भर्तियों की रफ्तार पर भी ब्रेक लग जाता था। अब चूंकि सरकार ने हमेशा के लिए इस असमंजस को खत्म कर दिया है, तो अभ्यर्थी बिना किसी डर या दुविधा के अपना पूरा ध्यान आने वाली सरकारी शिक्षक भर्तियों और उनकी मुख्य परीक्षाओं पर लगा सकेंगे।

