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Haryana Human Rights Commission: हिसार स्कूल कांड: छात्राओं को 'मुर्गा' बनाने पर मानवाधिकार आयोग सख्त, DC और SP से मांगी रिपोर्ट

AAmandeep Singh
हिसार स्कूल कांड: छात्राओं को 'मुर्गा' बनाने पर मानवाधिकार आयोग सख्त, DC और SP से मांगी रिपोर्ट
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हिसार। हरियाणा के हिसार जिले से सामने आई एक शर्मनाक तस्वीर ने प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था और बच्चों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अग्रोहा ब्लॉक के गांव जगान स्थित सरकारी उच्च विद्यालय में छात्राओं को सजा के तौर पर ‘मुर्गा’ बनाकर पूरे परिसर में घुमाने का मामला अब हरियाणा मानवाधिकार आयोग की चौखट तक पहुंच गया है। 7 मार्च 2026 को मीडिया में आई खबरों और वायरल हुए तीन वीडियो का संज्ञान लेते हुए आयोग के अध्यक्ष जस्टिस ललित बत्रा, सदस्य कुलदीप जैन और दीप भाटिया ने इसे बेहद गंभीर माना है। आयोग ने दो टूक कहा कि अनुशासन सिखाने के नाम पर छात्राओं को सार्वजनिक रूप से इस तरह जलील करना उनके आत्मसम्मान और मानवाधिकारों का सीधा हनन है।

खेल या सजा? महिला आयोग की एंट्री और छात्राओं के बदलते बयान

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दिलचस्प मोड़ तब आया जब इस मामले की गूंज राज्य महिला आयोग तक पहुंची। आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया खुद जांच के लिए जगान के सरकारी स्कूल पहुंचीं। वहां वीडियो में दिख रही छात्राओं ने एक चौंकाने वाला बयान दिया। छात्राओं का कहना था कि उन्हें कोई सजा नहीं दी गई थी, बल्कि वे आपस में ‘मुर्गा बनाने’ का खेल खेल रही थीं। हालांकि, मानवाधिकार आयोग इन दलीलों से संतुष्ट नजर नहीं आ रहा है। आयोग का मानना है कि यदि यह सजा थी, तो यह ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ अभियान की मूल भावना के खिलाफ है और बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर इसका गहरा नकारात्मक असर पड़ सकता है।

रिपोर्ट तलब: उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को दिए निर्देश

मानवाधिकार आयोग ने इस पूरे प्रकरण की तह तक जाने के लिए हिसार के उपायुक्त (DC), पुलिस अधीक्षक (SP), जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) और स्कूल के प्रधानाचार्य से जवाब मांगा है। आयोग ने निर्देश दिया है कि अगली सुनवाई से पहले एक विस्तृत रिपोर्ट पेश की जाए, जिसमें घटना की सच्चाई और दोषियों पर की गई कार्रवाई का पूरा ब्योरा हो। आयोग का तर्क है कि शैक्षणिक संस्थानों की पहली जिम्मेदारी बच्चों को सुरक्षित और गरिमामय माहौल देना है। इस तरह की घटनाएं न केवल बच्चों का मनोबल तोड़ती हैं, बल्कि सरकारी शिक्षा तंत्र पर जनता के भरोसे को भी कमजोर करती हैं।

यमुनानगर में शर्मसार हुई गुरु-शिष्य परंपरा

शिक्षा जगत को कलंकित करने वाली एक और खबर यमुनानगर से आई है, जहां परीक्षा के दौरान एक शिक्षक द्वारा सात छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। पवित्र पेशे को दागदार करने वाले इस आरोपी शिक्षक को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिरासत में ले लिया है। एक तरफ हिसार में छात्राओं की गरिमा के साथ खिलवाड़ और दूसरी तरफ यमुनानगर में शारीरिक उत्पीड़न की घटनाओं ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। मानवाधिकार आयोग ने इन दोनों मामलों को राज्य की कानून-व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा के नजरिए से अत्यंत संवेदनशील करार दिया है।

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