हरियाणा। हरियाणा के तकनीकी और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में करियर बनाने की ख्वाहिश रखने वाले छात्रों को दाखिले के लिए अभी करीब 25 दिन का और लंबा इंतजार करना होगा। प्रदेश के कौशल विकास एवं औद्योगिक प्रशिक्षण विभाग ने इस बार एडमिशन की समय सारणी में तब्दीली की है। आमतौर पर मई के मध्य तक शुरू होने वाली यह कवायद इस बार जून के पहले हफ्ते से परवान चढ़ेगी। विभाग के इस फैसले के बाद अब छात्रों के पास अपने जरूरी कागजात और प्रमाणपत्रों की कमियों को दूर करने का एक अच्छा मौका मिल गया है, ताकि जैसे ही पोर्टल लाइव हो, वे बिना किसी तकनीकी अड़चन के अपना फॉर्म सबमिट कर सकें।
पूरी तरह डिजिटल होगी व्यवस्था; इन 4 चीजों के बिना नहीं मिलेगा प्रवेश
प्रवेश विभाग के महानिदेशक कार्यालय से जारी दिशा-निर्देशों के मुताबिक, सत्र 2026-27 की पूरी दाखिला प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और कैशलेस (डिजिटल) बनाया गया है। राज्य के चाहे सरकारी संस्थान हों या निजी आईटीआई, सभी में दाखिले के लिए सेंट्रलाइज्ड ऑनलाइन सिस्टम ही काम करेगा। प्राधिकारियों ने साफ किया है कि आवेदन करते समय छात्र के पास खुद का वैध पहचान पत्र, बिल्कुल चालू हालत में मोबाइल नंबर, सक्रिय ई-मेल आईडी और सबसे महत्वपूर्ण– हरियाणा सरकार का ‘परिवार पहचान पत्र’ (PPP) होना अनिवार्य है। यदि परिवार पहचान पत्र में नाम या जन्मतिथि की कोई गलती है, तो छात्र उसे समय रहते ठीक करवा लें।
पिछले साल की सुस्ती से लिया सबक, खाली सीटों ने बढ़ाई थी चिंता
दाखिला प्रक्रिया को जून तक खिसकाने के पीछे विभाग का पिछला कड़वा अनुभव भी एक बड़ी वजह माना जा रहा है। दरअसल, बीते वर्ष 2025 में महकमे ने मई में ही पोर्टल खोल दिया था, जो बार-बार तारीखें बढ़ाए जाने के कारण 30 सितंबर तक यानी करीब चार महीने घिसटता रहा। तमाम कोशिशों और कई दौर की काउंसलिंग के बाद भी युवाओं का रुझान उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। अकेले अंबाला जिले की बात करें तो यहाँ की 8 राजकीय आईटीआई में निर्धारित 3,328 सीटों में से 690 सीटें खाली रह गई थीं। इसी सुस्ती को तोड़ने और एकमुश्त गंभीर छात्रों को जोड़ने के लिए इस बार रणनीति बदली गई है।
प्राचार्य की सलाह: फॉर्म भरते समय न करें चूक, वेबसाइट पर रखें नजर
महिला आईटीआई (सिटी) के प्राचार्य जगमोहन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि उच्चाधिकारियों की ओर से जून के पहले सप्ताह में दाखिला खिड़की खोलने के स्पष्ट निर्देश मिल चुके हैं। उन्होंने छात्रों को सचेत करते हुए कहा, “अक्सर देखने में आता है कि छात्र साइबर कैफे के भरोसे फॉर्म भर देते हैं और बाद में स्पेलिंग या नंबरों की गलती के कारण उनका फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है। छात्र समय रहते अपने तमाम शैक्षणिक और आरक्षण संबंधी प्रमाणपत्रों का प्रबंध कर लें।” जून लगते ही विभाग की मुख्य वेबसाइट www.itiharyana.gov.in पर सीधे आवेदन का विकल्प दिखने लगेगा, जहां से मेरिट के आधार पर सीटें आवंटित की जाएंगी।

