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Haryana Work Slip Scam: हरियाणा वर्क स्लिप घोटाला: अनिल विज की जांच में 19 लाख रसीदें निकलीं फर्जी, मची खलबली

AAmandeep Singh
हरियाणा वर्क स्लिप घोटाला: अनिल विज की जांच में 19 लाख रसीदें निकलीं फर्जी, मची खलबली
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हरियाणा। हरियाणा के ‘गब्बर’ कहे जाने वाले श्रम मंत्री अनिल विज ने विभाग में चल रहे रसीद खेल का कच्चा चिट्ठा खोल दिया है। भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में 90 दिन की वर्क स्लिप (कार्य रसीद) के नाम पर प्रदेश के गांव-गांव और शहर-शहर में फर्जीवाड़े की दुकानें सजी थीं। विज द्वारा गठित 22 जिलों की कमेटियों ने जो रिपोर्ट सौंपी है, वह चौंकाने वाली है। जांच में सामने आया है कि करीब 90 फीसदी वर्क स्लिप महज कागजों पर तैयार की गई थीं, ताकि सरकारी खजाने से करोड़ों रुपये की योजनाओं का लाभ निजी जेबों में जा सके।

कैथल, जींद और हिसार से शुरू हुई जांच ने खोली सबकी पोल

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घोटाले की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि प्रारंभिक तौर पर हिसार, कैथल और जींद में हुई जांच के बाद जब पूरे प्रदेश में फिजिकल वेरिफिकेशन कराया गया, तो आंकड़ों ने सबको हैरान कर दिया। कुल 21,78,523 वर्क स्लिप की जांच में केवल 2,70,945 रसीदें ही सही पाई गईं। बाकी 19 लाख से ज्यादा रसीदें फर्जी निकलीं। मंत्री अनिल विज ने स्पष्ट किया कि एक श्रमिक को मातृत्व लाभ, कन्यादान और पेंशन जैसी योजनाओं के जरिए करीब 2.5 लाख रुपये का लाभ मिलता है। इस लिहाज से यह सीधे तौर पर जनता के टैक्स के पैसों की खुली लूट है।

अपात्रों पर गिरेगी गाज, असली श्रमिकों को मिलेगा हक

श्रम मंत्री ने साफ कर दिया है कि भ्रष्टाचार से कोई समझौता नहीं होगा। हालांकि, इस कार्रवाई के बीच उन 10 फीसदी असली मजदूरों का ध्यान भी रखा गया है जिनकी रसीदें वैध पाई गई हैं। विज ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंजूरी के बाद जल्द ही पोर्टल खोला जाएगा ताकि पात्र श्रमिकों की आईडी एक्टिवेट हो सके और उन्हें रुका हुआ लाभ मिल सके। जिन लोगों की रसीदें अवैध पाई गई हैं, उन्हें अपनी बात रखने का एक मौका जरूर दिया जाएगा, जिसके लिए विशेष अथॉरिटी का गठन किया जा रहा है।

2008 से अब तक की फाइलों की धूल झाड़ेगी सरकार

यह घोटाला महज पिछले दो साल का नहीं, बल्कि इसके तार साल 2008 से जुड़ी योजनाओं तक जा सकते हैं। अनिल विज ने संकेत दिए हैं कि यदि पुरानी फाइलों की जांच हुई, तो घोटाले की राशि हजारों करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। इस बीच, आईएएस पंकज अग्रवाल की अध्यक्षता वाली उच्च स्तरीय कमेटी अब 6 अप्रैल को बैठक करेगी। इस बैठक में दोषियों को दी जाने वाली सजा और रिकवरी के फॉर्मूले पर मंथन होगा। सरकार का लक्ष्य है कि जो पैसा गलत तरीके से लिया गया है, उसे वसूल कर असली जरूरतमंदों तक पहुंचाया जाए।

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