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Uklana Nagar Palika Election Result : उकलाना में बड़ा सियासी फेरबदल: 23 साल की रीमा सोनी ने भाजपा प्रत्याशी को दी करारी मात

AAmandeep Singh
उकलाना में बड़ा सियासी फेरबदल: 23 साल की रीमा सोनी ने भाजपा प्रत्याशी को दी करारी मात
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हरियाणा। हरियाणा नगर निकाय चुनाव 2026 के नतीजों ने यह साफ कर दिया है कि जनता अब पार्टी के सिंबल से ज्यादा उम्मीदवार के चेहरे और उसके विजन पर भरोसा कर रही है। हिसार की उकलाना नगर पालिका सीट पर जो हुआ, उसकी उम्मीद शायद राजनीतिक दिग्गजों को भी नहीं थी। यहाँ मात्र 23 साल की एक युवा सामाजिक कार्यकर्ता रीमा सोनी ने निर्दलीय मैदान में उतरकर सत्ताधारी भाजपा के रथ को रोक दिया है। रीमा ने भाजपा की प्रत्याशी निकिता गोयल को 2806 मतों के बड़े अंतर से शिकस्त देकर न केवल जीत हासिल की, बल्कि यह भी साबित कर दिया कि राजनीति में अनुभव से ज्यादा जनता से जुड़ाव मायने रखता है।

ढोल-नगाड़ों के साथ मना जश्न, युवाओं में खासा उत्साह

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बुधवार सुबह जैसे ही मतगणना केंद्रों से रुझान आने शुरू हुए, रीमा सोनी की बढ़त ने उनके समर्थकों में जोश भर दिया। अंतिम राउंड की गिनती पूरी होते ही जैसे ही निर्वाचन अधिकारी ने रीमा की जीत पर मुहर लगाई, पूरा उकलाना जश्न में डूब गया। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते कार्यकर्ता और गुलाल उड़ाते युवाओं ने शहर की सड़कों पर विजय जुलूस निकाला। जीत के बाद समर्थकों ने मिठाइयां बांटीं और इसे ‘आम आदमी की जीत’ करार दिया। स्थानीय लोगों का कहना है कि रीमा की यह जीत उकलाना की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत है।

कौन हैं रीमा सोनी और क्या रही जीत की रणनीति?

रीमा सोनी कोई नया नाम नहीं हैं, वे स्थानीय स्तर पर एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता के तौर पर पहचानी जाती रही हैं। बहुत कम उम्र में उन्होंने जनसेवा की राह चुनी और यही वजह रही कि चुनाव के दौरान उन्हें जनता का भरपूर समर्थन मिला। रीमा ने चुनाव प्रचार के दौरान किसी बड़े राजनीतिक ताम-झाम के बजाय डोर-टू-डोर कैंपेनिंग पर जोर दिया। उन्होंने शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था, पेयजल संकट, टूटी सड़कों और महिला सुरक्षा जैसे उन मुद्दों को छुआ, जिनसे शहरवासी रोज जूझ रहे थे। उनकी युवा सोच और स्थानीय मुद्दों पर पकड़ ने उन्हें भाजपा जैसे संगठित दल के खिलाफ एक बड़ी मनोवैज्ञानिक बढ़त दिला दी।

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