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Haryana Mandi Server Down: हरियाणा मंडी ब्रेकिंग: सर्वर ठप होने से जगाधरी और सिरसा में हंगामा, किसानों ने लगाया चक्का जाम

AAmandeep Singh
हरियाणा मंडी ब्रेकिंग: सर्वर ठप होने से जगाधरी और सिरसा में हंगामा, किसानों ने लगाया चक्का जाम
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हरियाणा। डिजिटल इंडिया और ई-खरीद के दावों के बीच सोमवार को हरियाणा की प्रमुख अनाज मंडियों में तकनीकी खामियों ने किसानों की कमर तोड़ दी। यमुनानगर की जगाधरी मंडी और सिरसा जिले के विभिन्न खरीद केंद्रों पर सुबह से ही सर्वर ठप होने के कारण गेट पास जारी करने का काम ठप पड़ गया। आलम यह था कि तड़के 5 बजे से मंडियों के बाहर कतारों में खड़े किसानों को जब घंटों बाद भी प्रवेश नहीं मिला, तो उनका गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया। यमुनानगर में किसानों ने जगाधरी-पावंटा साहिब मुख्य मार्ग पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अड़ाकर चक्का जाम कर दिया, जिससे घंटों तक यातायात बाधित रहा।

‘वेबसाइट बंद, किसान लाचार’ – प्रशासनिक ढिलाई पर भड़के नेता

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जगाधरी मंडी के बाहर प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे किसान नेताओं ने प्रशासन पर सीधे तौर पर लापरवाही के आरोप लगाए। किसान नेता मनदीप सिंह ने कहा, “सरकार पारदर्शी खरीद के दावे तो करती है, लेकिन हकीकत यह है कि न तो डेटा अपलोड हो रहा है और न ही बायोमेट्रिक हाजिरी लग पा रही है। बिना गेट पास के हमें अंदर नहीं घुसने दिया जा रहा और बाहर तपती धूप में फसल खराब हो रही है।” इस दौरान सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिसमें एम्बुलेंस से लेकर स्कूली बसें तक फंसी नजर आईं।

सिरसा में भी यही हाल, बायोमेट्रिक ने बढ़ाई सिरदर्दी

सिरसा जिले की मंडियों में भी स्थिति कुछ अलग नहीं थी। यहां किसानों को बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन और ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन में आ रही दिक्कतों के कारण घंटों इंतजार करना पड़ा। भारतीय किसान एकता के प्रदेश अध्यक्ष लखविंदर सिंह औलख ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार को सीजन शुरू होने से पहले तकनीकी परीक्षण करना चाहिए था। बार-बार सर्वर का ठप होना यह दर्शाता है कि किसानों के प्रति सिस्टम कितना संवेदनहीन है।

आनन-फानन में शुरू हुई ऑफलाइन व्यवस्था

जब विरोध प्रदर्शन की खबरें मुख्यालय तक पहुंचीं, तब जाकर जिला प्रशासन हरकत में आया। अधिकारियों ने आनन-फानन में मार्केट कमेटी के सचिवों को निर्देश दिए कि जब तक सर्वर ठीक नहीं होता, तब तक ‘ऑफलाइन’ यानी मैन्युअल तरीके से गेट पास काटकर किसानों को राहत दी जाए। हालांकि, किसानों ने इसे केवल अस्थायी मरहम करार दिया है। किसानों का कहना है कि जब तक सर्वर की क्षमता नहीं बढ़ाई जाएगी, तब तक यह समस्या हर दूसरे दिन सिर उठाती रहेगी।

अल्टीमेटम: ‘समाधान नहीं तो आंदोलन’

किसानों ने दो-टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत नहीं किया गया, तो वे प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की मध्यस्थता के बाद जाम तो खोल दिया गया है, लेकिन मंडियों में अभी भी किसानों की भारी भीड़ और धीमी खरीद प्रक्रिया को लेकर तनाव बरकरार है।

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