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Haryana Farmer: मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर खरीफ फसलों का पंजीकरण शुरू, 15 जून तक आखिरी मौका

AAmandeep Singh
Haryana Farmer: मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर खरीफ फसलों का पंजीकरण शुरू, 15 जून तक आखिरी मौका
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हरियाणा। हरियाणा के किसान भाइयों के लिए बेहद जरूरी खबर है। प्रदेश सरकार ने खरीफ सीजन 2026-27 के लिए ‘मेरी फसल मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर फसलों का ऑनलाइन पंजीकरण शुरू कर दिया है। इस बार पंजीकरण की खिड़की 20 मई से खोल दी गई है, जो 15 जून 2026 तक खुली रहेगी। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे आखिरी तारीख का इंतजार किए बिना समय रहते अपनी फसलों का ब्योरा पोर्टल पर दर्ज करा लें, ताकि ऐन वक्त पर सर्वर डाउन होने जैसी दिक्कतों से बचा जा सके।

क्यों जरूरी है यह पंजीकरण? मिलेंगे ये बड़े फायदे

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सरकार ने साफ कर दिया है कि जो किसान इस समय सीमा के भीतर अपनी फसल का ब्योरा अपलोड नहीं करेंगे, उन्हें आने वाले दिनों में कई सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, मंडियों में अपनी उपज को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर बेचने के लिए इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन होना पहली शर्त है। इसके अलावा, यदि मौसम की बेरुखी या किसी प्राकृतिक आपदा की वजह से खेतों में फसल बर्बाद होती है, तो गिरदावरी और मुआवजे का आकलन भी इसी डिजिटल डेटा के आधार पर तय किया जाएगा।

खाद-बीज की सब्सिडी और बीमा क्लेम का रास्ता होगा साफ

इस डिजिटल व्यवस्था का सीधा असर किसानों की जेब और खेती-किसानी से जुड़ी सहूलियतों पर पड़ता है। कृषि यंत्रों, उन्नत बीजों और खाद पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी का फायदा उठाने के लिए भी यह पंजीकरण बेहद जरूरी है। वहीं, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत क्लेम सेटलमेंट की प्रक्रिया को भी इसी पोर्टल के रिकॉर्ड से जोड़ा गया है। सरकार का मकसद साफ है कि बिचौलियों की भूमिका खत्म हो और वास्तविक काश्तकार को ही उसकी मेहनत का पूरा हक मिले।

सीधे बैंक खाते में पहुंचेगी राहत राशि

किसानों द्वारा पोर्टल पर जो भी जानकारियां साझा की जाएंगी, उनके सत्यापन के बाद फसलों का एक मुकम्मल डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। इसी सत्यापित डेटा के आधार पर भविष्य में मिलने वाले सभी वित्तीय लाभ सीधे डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर यानी DBT के माध्यम से किसानों के बैंक खातों में भेजे जाएंगे। यदि आप भी हरियाणा के प्रगतिशील किसान हैं और किसी भी तरह की परेशानी से बचना चाहते हैं, तो 15 जून से पहले अपने नजदीकी सीएससी (CSC) सेंटर पर जाकर या विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से अपनी खरीफ फसल का रजिस्ट्रेशन जरूर पूरा कर लें।

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