चंडीगढ़। हरियाणा में नगर निकाय चुनावों की सरगर्मियों के बीच खट्टर सरकार ने प्रदेश के कर्मचारियों और कामगारों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की है। सरकार ने आगामी 10 मई 2026को उन सभी क्षेत्रों में ‘सवेतन अवकाश’ (Paid Holiday) घोषित किया है, जहां नगर निगम, नगर परिषद या नगर पालिकाओं के लिए मतदान होना है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, यह फैसला इसलिए लिया गया है ताकि कोई भी मतदाता कामकाज या वेतन कटौती के डर से अपने लोकतांत्रिक अधिकार से वंचित न रह जाए।
इन इलाकों में थमेगा कामकाज, खुलेंगे पोलिंग बूथ
इस अधिसूचना का असर प्रदेश के उन प्रमुख शहरों में सबसे ज्यादा दिखेगा जहां निकाय चुनाव अपनी पूरी रंगत में हैं। इनमें मुख्य रूप से नगर निगम अंबाला, पंचकूला और सोनीपत के सभी वार्ड शामिल हैं, जहां मेयर और पार्षदों के लिए वोट डाले जाएंगे। इसके अलावा नगर परिषद रेवाड़ी, सांपला (रोहतक), धारूहेड़ा (रेवाड़ी) और उकलाना (हिसार) की नगर समितियों में भी अवकाश रहेगा। वहीं, टोहाना, झज्जर, राजौंद, तरावड़ी, कनीना और सढौरा के उन विशिष्ट वार्डों में भी छुट्टी रहेगी जहां खाली सीटों को भरने के लिए उपचुनाव हो रहे हैं।
निजी क्षेत्र और फैक्ट्रियों पर भी लागू होंगे नियम
अक्सर देखा जाता है कि निजी कंपनियां या फैक्ट्रियां चुनावी छुट्टी देने में आनाकानी करती हैं, लेकिन इस बार सरकार ने रुख साफ कर दिया है। ‘रिप्रेजेंटेशन ऑफ द पीपल एक्ट, 1951’ की धारा 135-B का हवाला देते हुए आदेश दिए गए हैं कि निजी प्रतिष्ठानों, दुकानों और औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले वे कर्मचारी, जो इन चुनावी क्षेत्रों के पंजीकृत मतदाता हैं, उन्हें भी सवेतन अवकाश दिया जाए। यानी, वोट डालने जाने पर उनके वेतन में किसी भी प्रकार की कटौती करना कानूनी तौर पर गलत माना जाएगा।
लोकतंत्र की मजबूती के लिए मुख्य सचिव के निर्देश
हरियाणा सरकार के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने स्पष्ट किया कि यह अवकाश केवल सरकारी दफ्तरों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि बोर्डों, निगमों और सभी शैक्षणिक संस्थानों पर भी समान रूप से लागू होगा। राज्य चुनाव आयुक्त के निर्देशों का पालन करते हुए इस अधिसूचना को सरकारी राजपत्र (गजट) में भी प्रकाशित किया जा रहा है। प्रशासन का मानना है कि इस कदम से मतदान प्रतिशत में इजाफा होगा और लोग बिना किसी दबाव के अपनी पसंद की स्थानीय सरकार चुन सकेंगे।

