Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Haryana Mustard Procurement: हरियाणा में सरसों की सरकारी खरीद शुरू, एमएसपी से ₹400 ज्यादा भाव पाकर निहाल हुए किसान

AAmandeep Singh
हरियाणा में सरसों की सरकारी खरीद शुरू, एमएसपी से ₹400 ज्यादा भाव पाकर निहाल हुए किसान
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। हरियाणा के किसानों के लिए आज का दिन दोहरी खुशी लेकर आया है। एक तरफ जहां प्रदेश सरकार ने आज 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद के लिए अपने 400 केंद्रों के दरवाजे खोल दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ खुले बाजार में सरसों की कीमतों ने एमएसपी के रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। भिवानी, हिसार और सिरसा जैसी बड़ी मंडियों में किसान अपनी उपज लेकर पहुंच रहे हैं, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि सरकारी कांटों के बजाय किसान प्राइवेट एजेंसियों को तरजीह दे रहे हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित ₹6,200 के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) के मुकाबले बाजार में ₹6,600 तक के ऊंचे भाव मिल रहे हैं।

गेटपास के लिए अब फोटो और अंगूठा लगाना जरूरी

विज्ञापन

इस बार हरियाणा सरकार ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए ‘डिजिटल पहरा’ बिठा दिया है। अब कोई भी किसान बिना पूर्व तैयारी के मंडी में ट्रैक्टर नहीं घुसा पाएगा। नए नियमों के मुताबिक, ‘मेरी फसल-मेरा ब्यौरा’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के साथ-साथ अब किसान को अपनी उस ट्रैक्टर-ट्रॉली की फोटो भी अपलोड करनी होगी जिसमें फसल लदी है। इसके बाद ही ऑनलाइन गेटपास जनरेट होगा। इतना ही नहीं, मंडी में एंट्री के वक्त किसान का बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन (अंगूठा लगवाना) भी अनिवार्य कर दिया गया है ताकि फर्जीवाड़े की गुंजाइश न रहे।

नमी पर नजर: आढ़तियों ने दी किसानों को नसीहत

भिवानी मंडी के अनुभवी आढ़तियों का कहना है कि फसल की गुणवत्ता और भाव में नमी का बड़ा रोल है। सरकारी मापदंडों के अनुसार सरसों में नमी की मात्रा 8% से अधिक नहीं होनी चाहिए। अगर किसान फसल को अच्छी तरह सुखाकर नहीं लाते हैं, तो उन्हें एमएसपी का लाभ मिलने में दिक्कत आ सकती है। वहीं गेहूं की आवक को लेकर भी तैयारियां तेज हैं, जहां 12% नमी की सीमा तय की गई है। जानकारों का कहना है कि इस बार मौसम के मिजाज को देखते हुए फसल की क्वालिटी अच्छी है, जिसका सीधा फायदा किसानों की जेब को मिल रहा है।

मंडियों में व्यवस्था चाक-चौबंद, 10 रुपये में मिलेगा खाना

खरीद सीजन के दौरान किसानों को लंबी प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए मार्केटिंग बोर्ड ने विशेष इंतजाम किए हैं। मंडियों में पीने के पानी और छाया की व्यवस्था के साथ-साथ ‘अटल कैंटीन’ को भी सक्रिय कर दिया गया है। भिवानी अनाज मंडी से मिली जानकारी के अनुसार, दूर-दराज से आने वाले किसान मात्र 10 रुपये का टोकन लेकर पौष्टिक और भरपेट भोजन कर सकेंगे। हालांकि, फिलहाल प्राइवेट एजेंसियों की सक्रियता ने सरकारी खरीद की रफ्तार को धीमा रखा है, क्योंकि किसान ₹400 प्रति क्विंटल के अतिरिक्त मुनाफे को छोड़ना नहीं चाहते।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।