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Narayangarh IMT: नारायणगढ़ आईएमटी का रास्ता साफ: किसानों ने दी 450 एकड़ जमीन, युवाओं को मिलेगी नौकरी

AAmandeep Singh
नारायणगढ़ आईएमटी का रास्ता साफ: किसानों ने दी 450 एकड़ जमीन, युवाओं को मिलेगी नौकरी
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हरियाणा। हरियाणा के अंबाला जिले के लिए बुधवार का दिन एक बड़ी सौगात लेकर आया। नारायणगढ़ में प्रस्तावित इंडस्ट्रियल मॉडल टाउनशिप (आईएमटी) को लेकर लंबे समय से चल रहा गतिरोध आखिरकार खत्म हो गया है। इलाके के किसानों के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अपनी जमीन देने का ऐलान कर दिया है। किसानों ने भरोसा दिलाया है कि वे सरकार द्वारा तय की गई दरों पर करीब 450 एकड़ भूमि उपलब्ध कराएंगे। इस फैसले के बाद किसानों ने मुख्यमंत्री को मिठाई खिलाकर इस नई शुरुआत का जश्न भी मनाया।

गुरुग्राम की तर्ज पर चमकेगा नारायणगढ़

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राज्य सरकार का लक्ष्य अंबाला क्षेत्र को उत्तर हरियाणा के ‘गुरुग्राम’ के रूप में स्थापित करना है। मुख्यमंत्री के साथ हुई इस बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि नारायणगढ़ आईएमटी केवल फैक्ट्रियों का समूह नहीं होगा, बल्कि इसे एक आधुनिक औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। वर्तमान में हरियाणा सरकार प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में 10 नई आईएमटी विकसित करने के मिशन पर है। नारायणगढ़ इस कड़ी का एक अहम हिस्सा है, जिससे इलाके की आर्थिक तस्वीर पूरी तरह बदलने की उम्मीद है।

स्थानीय युवाओं को घर के पास मिलेगा रोजगार

इस परियोजना का सबसे बड़ा सकारात्मक असर स्थानीय रोजगार पर पड़ने वाला है। अब तक नारायणगढ़ और आसपास के युवाओं को निजी नौकरियों के लिए चंडीगढ़, लुधियाना या दिल्ली-एनसीआर का रुख करना पड़ता था। आईएमटी स्थापित होने से यहां बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के आने का रास्ता साफ होगा। उद्योगों के विस्तार से न केवल प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे, बल्कि छोटे कारोबारियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर को भी नई ऊर्जा मिलेगी।

आर्थिक मजबूती की ओर बढ़ता कदम

जानकारों का मानना है कि जमीन अधिग्रहण की यह सहमति नारायणगढ़ के विकास में ‘टर्निंग पॉइंट’ साबित होगी। 450 एकड़ में फैले इस औद्योगिक क्षेत्र से सरकार को राजस्व मिलेगा और क्षेत्र में बुनियादी ढांचे (सड़क, बिजली, पानी) का भी तेजी से विस्तार होगा। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किसानों के इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश को औद्योगिक रूप से सशक्त बनाने में किसानों का यह योगदान मील का पत्थर साबित होगा।

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