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Haryana New Industrial Policy : हरियाणा की नई औद्योगिक नीति: स्थानीय युवाओं को नौकरी देने वाली कंपनियों को मिलेंगे सालाना ₹1 लाख

AAmandeep Singh
हरियाणा की नई औद्योगिक नीति: स्थानीय युवाओं को नौकरी देने वाली कंपनियों को मिलेंगे सालाना ₹1 लाख
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हरियाणा। हरियाणा सरकार अब उद्योगों को केवल जमीन और बिजली ही नहीं देगी, बल्कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने के लिए कंपनियों को सीधे नकद प्रोत्साहन (Incentive) भी देगी। प्रदेश की औद्योगिक तस्वीर बदलने के लिए सरकार पुरानी सभी नीतियों को किनारे कर एक नई व्यापक पॉलिसी लाने जा रही है। दरअसल, वर्ष 2020 में बनाई गई पॉलिसी उम्मीदों पर खरी नहीं उतरी थी, जिसे देखते हुए अब निवेश, रोजगार और एडवांस टेक्नोलॉजी पर केंद्रित नया ड्राफ्ट तैयार किया गया है। इस नई नीति का मुख्य उद्देश्य एमएसएमई के साथ-साथ बड़ी और अल्ट्रा-मेगा कंपनियों को हरियाणा की ओर आकर्षित करना है।

स्थानीय रोजगार पर सरकारी खजाना मेहरबान

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नई पॉलिसी की सबसे बड़ी खासियत स्थानीय युवाओं के लिए ‘रोजगार गारंटी’ जैसा रिवॉर्ड सिस्टम है। अब तक हरियाणा के लोगों को नौकरी देने पर कंपनियों को सालाना 36 से 48 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलती थी, जिसे सरकार अब बढ़ाकर सीधे ₹1 लाख करने जा रही है।

इतना ही नहीं, सामाजिक समानता को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने विशेष श्रेणी भी बनाई है। यदि कोई कंपनी हरियाणा की महिलाओं, अनुसूचित जाति (SC) के युवाओं या दिव्यांगों को रोजगार देती है, तो सरकार उसे प्रति कर्मचारी ₹1.2 लाख सालाना देगी। शर्त यह भी है कि यदि किसी उद्योग में 25 प्रतिशत से अधिक कर्मचारी हरियाणा के होंगे, तो उस कंपनी को अतिरिक्त सब्सिडी और अन्य प्रशासनिक लाभ दिए जाएंगे। यानी अब “जितने ज्यादा हरियाणवी, उतना ज्यादा फायदा” की नीति पर काम होगा।

रिसर्च और पेटेंट पर मिलेगा करोड़ों का इनाम

सरकार केवल उत्पादन ही नहीं, बल्कि ‘इनोवेशन’ के क्षेत्र में भी हरियाणा को नंबर-1 बनाना चाहती है। नई नीति के तहत यदि कोई कंपनी प्रदेश में अपना रिसर्च सेंटर (R&D Center) स्थापित करती है, तो उसे कुल लागत का 50 प्रतिशत सब्सिडी के रूप में वापस मिलेगा। बड़े उद्योगों के लिए यह सीमा 10 करोड़ रुपये और अल्ट्रा-मेगा कंपनियों के लिए 50 करोड़ रुपये तक तय की गई है।

मेधावी उद्यमियों और वैज्ञानिकों को प्रोत्साहित करने के लिए सरकार ने इनामों की भी घोषणा की है। यदि कोई कंपनी राष्ट्रीय स्तर का पेटेंट हासिल करती है, तो उसे 50 लाख रुपये और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पेटेंट कराने पर 1 करोड़ रुपये की नकद राशि इनाम के तौर पर दी जाएगी।

कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार

पॉलिसी का ड्राफ्ट पूरी तरह तैयार हो चुका है और सूत्रों की मानें तो आगामी कैबिनेट बैठक में इसे औपचारिक मंजूरी मिल सकती है। इस नीति के लागू होने से न केवल प्रदेश में भारी निवेश आने की उम्मीद है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए निजी क्षेत्र में सम्मानजनक नौकरियों के द्वार भी खुलेंगे।

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