Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

हरियाणा में राशन डिपो के लिए नई गाइडलाइंस जारी: महिलाओं को 33% आरक्षण, जानें पात्रता

AAmandeep Singh
हरियाणा में राशन डिपो के लिए नई गाइडलाइंस जारी: महिलाओं को 33% आरक्षण, जानें पात्रता
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। हरियाणा सरकार ने प्रदेश की सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में आमूल-चूल बदलाव करते हुए नए राशन डिपो खोलने की प्रक्रिया को हरी झंडी दे दी है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव जे. गणेशन द्वारा जारी नई अधिसूचना के मुताबिक, अब डिपो आवंटन में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि हर ब्लॉक में कम से कम एक डिपो महिला स्वयं सहायता समूह (SHG) द्वारा संचालित हो। रोस्टर प्रणाली को इस तरह तैयार किया गया है कि प्रत्येक तीसरी रिक्ति महिला आवेदक के लिए आरक्षित होगी। इसमें एसिड अटैक पीड़ित, विधवा, तलाकशुदा और एकल माताओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

योग्यता और पात्रता के कड़े मानक

विज्ञापन

नए नियमों के तहत डिपो संचालक बनने के लिए केवल सिफारिश काम नहीं आएगी। आवेदक का कम से कम 12वीं कक्षा उत्तीर्ण होना और कंप्यूटर संचालन में सक्षम होना अनिवार्य है। आयु सीमा 21 से 45 वर्ष तय की गई है। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव स्थानीयता को लेकर है; जिस वार्ड या गांव में डिपो खाली है, आवेदक वहीं का स्थायी निवासी होना चाहिए। इसके अलावा, पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह स्पष्ट कर दिया गया है कि मौजूदा जनप्रतिनिधि (पंच, सरपंच या पार्षद) और उनके नजदीकी रिश्तेदार इस दौड़ से बाहर रहेंगे। यदि कोई डिपो धारक भविष्य में चुनाव जीतता है, तो उसका लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया जाएगा।

60 साल के बाद लाइसेंस पर ‘ब्रेक’

सरकार ने डिपो संचालकों की सेवानिवृत्ति और रिन्यूअल को लेकर भी स्थिति साफ कर दी है। सामान्यतः 60 वर्ष की आयु पूरी होने पर लाइसेंस का नवीनीकरण नहीं होगा, लेकिन यदि किसी संचालक का रिकॉर्ड बेदाग और कार्य प्रदर्शन शानदार रहा है, तो उसे 65 वर्ष तक का ‘ग्रेस पीरियड’ मिल सकता है। मानवीय आधार पर यह भी प्रावधान किया गया है कि यदि 55 वर्ष से पहले किसी डिपो धारक की मृत्यु हो जाती है, तो उसके वारिस को 3 महीने के भीतर आवेदन करने पर अनुकंपा के आधार पर लाइसेंस मिल सकेगा।

रोस्टर और आरक्षण का गणित

शहरी क्षेत्रों में वार्डवार और ग्रामीण क्षेत्रों में गांवों के वर्णानुक्रम (Alphabetical Order) के हिसाब से रोस्टर तैयार किया जाएगा। इस पूरी कवायद का मकसद डिपो के बीच की दूरी कम करना और उपभोक्ताओं को लंबी लाइनों से निजात दिलाना है। 500 कार्डों पर एक डिपो होने से न केवल अनाज वितरण सुगम होगा, बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। विभाग ने स्पष्ट किया है कि पूरी चयन प्रक्रिया ऑनलाइन और मेरिट आधारित होगी, ताकि किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार की गुंजाइश न रहे।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।