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Haryana News: आंगनबाड़ी वर्करों को सौगात, 50 प्रतिशत होंगी सुपरवाइजर पद पर पदोन्नत

VVinita Kohli
Haryana News: आंगनबाड़ी वर्करों को सौगात, 50 प्रतिशत होंगी सुपरवाइजर पद पर पदोन्नत
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चंडीगढ़: मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आंगनबाड़ी वर्करों को बड़ी सौगात दी है। प्रदेश में 10 वर्ष की सेवा का अनुभव और सुपरवाइजर पद की पात्रता पूरी करने वाली आंगनबाड़ी वर्करों को सुपरवाइजर के पद पर पदोन्नत किया जाएगा। अब सुपरवाइजर 50 प्रतिशत आंगनबाड़ी वर्करों में से तथा शेष 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से नियुक्त की जाएगी। यह फैसला मुख्यमंत्री नायब सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई महिला एवं बाल विकास विभाग में लिया गया। इस दौरान महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रुति चौधरी भी विशेष तौर पर मौजूद रहीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला एवं बाल विकास को लेकर पिछले बजट के दौरान 66 घोषणाएं की गई थी जिनमें से 59 घोषणाओं को अमलीजामा पहनाया जा चुका है। इसके अलावा तीन घोषणाओं पर कार्य प्रगति पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में कुपोषित बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए अतिरिक्त धनराशि देने की घोषणा की गई जिस पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। ऐसे बच्चों को उबले हुए काले चने, चूरमा के अलावा किन्नू देने का प्रावधान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के सार्थक प्रयास से पिछले साल चिन्हित किए गए 80 हजार कुपोषित बच्चों में से 54 हजार बच्चों को कुपोषण से निजात दिलवाई गई। राज्य में केवल 26 हजार बच्चे ही शेष रह गए हैं। इन्हें भी जल्द ही कुपोषण से निजात दिलवाने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि बच्चों को कुपोषण से निजात दिलाने के लिए एस्पीरेशनल जिला नूंह में चलाई जा रही रेसीपी को प्रदेश भर की आंगनवाड़ी केंद्रों में लागू किया जा रहा है ताकि पूरे प्रदेश के बच्चों को कुपोषण से मुक्त किया जा सके। बैठक में मुख्यमंत्री के मुख्य प्रधान सचिव राजेश खुल्लर, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव डा. साकेत कुमार, आयुक्त एवं सचिव वित विभाग, मोहम्मद शाईन, आयुक्त एवं सचिव महिला एवं बाल विकास शेखर विद्यार्थी, ओएसडी राज नेहरू,  सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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2807 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड करने का कार्य प्रगति पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों में बदलने की घोषणा अनुसार 2807 आंगनबाड़ी केंद्रों को अपग्रेड करने पर तेजी से कार्य चल रहा है। इसके अलावा सक्षम आंगनबाड़ी के तहत वस्तुओं की खरीद प्रक्रियाधीन है। इस कार्य पर लगभग 20 करोड़ रुपये की राशि व्यय की जा रही है। इसी प्रकार लगभग 81 करोड़ रुपये की लागत से 2000 आंगनबाड़ी केंद्रों को प्ले वे स्कूल में अपग्रेड किया जा रहा है ताकि बच्चों को बेहतर सुविधाएं सुलभ हो सके।  

हर जिले में बनेंगे महिला कामकाजी होस्टल

नायब सिंह सैनी ने कहा कि सरकार की योजना अनुसार राज्य के हर जिले में महिला कामकाजी होस्टल बनाए जाएंगे, ताकि कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित स्थल सुलभ हो सके। सोनीपत, रेवाड़ी, फरीदाबाद, गुरूग्राम व चरखी दादरी में लगभग 43 करोड़ रुपये की लागत से 6 महिला कामकाजी होस्टल बनाए जा रहे है। उन्होंने पानीपत में भी महिला कामकाजी होस्टल बनाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। इसके अलावा चरखी दादरी में 12 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत से बाल भवन, डे केयर सेंटर, ओपन शेल्टर होम की स्थापना की जा रही है। 

इनका लगभग 80 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है, शेष कार्य भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रभावित महिलाओं को आश्रय, कानूनी सहायता, चिकित्सा सहायता, परामर्श और पुलिस सहायता प्रदान करने के लिए हर जिले में वन स्टाॅप सेंटर-सखी सेंटर संचालित किए जा रहे है। इन सेंटरों में महिलाओं को 20 दिन के लिए आश्रय प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इन सेंटरो में अब तक 57615 से अधिक महिलाओं को सहायता प्रदान की जा चुकी है। 

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