Haryana News: हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी, बाजरे पर मिलेगा 2900 रुपये का भाव, सीएम सैनी का बड़ा फैसला
हरियाणा के किसानों के लिए खुशखबरी, बाजरे पर मिलेगा 2900 रुपये का भाव, सीएम सैनी का बड़ा फैसला
Haryana News: हरियाणा के किसानों को उनकी फसलों का उचित दाम दिलाने के लिए राज्य सरकार ने अहम कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्पष्ट किया है कि ‘भावांतर भरपाई योजना’ (Bhavantar Bharpai Yojana Haryana) के माध्यम से प्रदेश के बाजरा किसानों को ₹2,900 प्रति क्विंटल का भाव सुनिश्चित किया जाएगा। (Haryana MSP News 2026) चंडीगढ़ में आयोजित बाजरा और धान खरीद की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाहरी राज्यों से बाजरा लाकर हरियाणा की मंडियों में खपाने वाले गिरोहों पर नकेल कसी जाए।
बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर (Rajesh Nagar Food Supply Minister) और मुख्यमंत्री (Nayab Singh Saini Bajra Rate) के ओएसडी वीरेंद्र बड़खालसा समेत शासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर सत्यापन, राइस मिलरों के पंजीकरण और मंडियों में बुनियादी सुविधाओं के कड़े इंतजाम करने के आदेश दिए।
खुले बाजार के अंतर की भरपाई करेगी सरकार, J-फॉर्म से होगा भुगतान
बैठक के दौरान अधिकारियों ने बताया कि वर्तमान में खुले बाजार में बाजरा औसतन (Haryana Mandi Bajra Rate) ₹2,235 प्रति क्विंटल के हिसाब से बिक रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस बार ₹2,300 प्रति क्विंटल की दर से बाजरे की खरीद करेगी। यदि किसान खुले बाजार में अपनी फसल बेचते हैं, तो ₹2,900 के एमएसपी और बिक्री मूल्य के बीच के अंतर की पूरी राशि सरकार सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर करेगी।
मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि भावांतर योजना का लाभ केवल उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने ‘मेरी फसल-मेरा ब्योरा’ पोर्टल पर अपना पंजीकरण कराया है और जिनके पास अधिकृत J-फॉर्म मौजूद होगा। उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि फसलों के रकबे का भौतिक सत्यापन प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द पूरा किया जाए।
सीमाओं पर पुलिस का कड़ा पहरा, धान खरीद और राइस मिलरों पर भी कसा शिकंजा
पड़ोसी राज्यों में बाजरे के कम दाम का फायदा उठाकर बिचौलियों द्वारा हरियाणा की मंडियों में माल लाने की आशंका पर मुख्यमंत्री ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने सीमावर्ती जिलों के प्रशासन और पुलिस (Haryana Police Border Checking) को सख्त हिदायत दी कि अंतरराज्यीय सीमाओं पर चौबीसों घंटे नाकेबंदी रखी जाए ताकि दूसरे राज्यों का बाजरा हरियाणा में प्रवेश न कर सके।
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आगामी धान खरीद सीजन की तैयारियों का भी विस्तृत ब्योरा लिया। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अतीत में गड़बड़ी या वित्तीय अनियमितताओं में संलिप्त रहे राइस मिलरों का पंजीकरण किसी भी कीमत पर न किया जाए। (Haryana Farmers News) उन्होंने निर्देश दिए कि जिन जिलों में मिलरों की संख्या कम है, वहां का धान पड़ोसी जिलों या आवश्यकता पड़ने पर दूसरे राज्यों के पंजीकृत मिलरों को आवंटित करने की संभावना तलाशी जाए। सभी खरीद केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे और जियो-फेंसिंग अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
