Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

NHM Haryana News: हरियाणा NHM कर्मचारियों की बड़ी जीत: अब सभी को मिलेगा सर्विस बाय-लॉज का लाभ, सरकार ने दी मंजूरी

AAmandeep Singh
हरियाणा NHM कर्मचारियों की बड़ी जीत: अब सभी को मिलेगा सर्विस बाय-लॉज का लाभ, सरकार ने दी मंजूरी
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। हरियाणा के स्वास्थ्य क्षेत्र की रीढ़ माने जाने वाले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के हजारों कच्चे कर्मचारियों के लिए यह खबर किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है। सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए सभी एनएचएम कर्मियों को ‘सर्विस बाय-लॉज’ के दायरे में लाने का फैसला किया है। अब तक इन लाभों को लेकर स्थिति काफी स्पष्ट नहीं थी, लेकिन मिशन निदेशक कार्यालय द्वारा जारी ताजा पत्र ने संशय के बादलों को पूरी तरह साफ कर दिया है। सरकार के इस कदम से न केवल कर्मचारियों को सेवा सुरक्षा मिलेगी, बल्कि उनकी कार्यप्रणाली भी अब नियमबद्ध और सुरक्षित हो जाएगी।

हाई कोर्ट के फैसले और वित्त विभाग की मुहर ने बनाया रास्ता

विज्ञापन

इस फैसले की पृष्ठभूमि पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस महत्वपूर्ण आदेश से जुड़ी है, जो डॉ. नेहा बंसल बनाम हरियाणा राज्य के मामले में 17 नवंबर 2025 को सुनाया गया था। कोर्ट ने कर्मचारियों के पक्ष में दलीलें सुनते हुए उन्हें सेवा उपनियमों का लाभ देने की बात कही थी। हालांकि, पहले इसे केवल याचिकाकर्ताओं तक सीमित रखने की चर्चा थी, लेकिन वित्त विभाग की मंजूरी के बाद अब इसे प्रदेश के सभी एनएचएम कर्मियों पर लागू कर दिया गया है। मिशन निदेशक ने सभी सिविल सर्जनों को सख्त निर्देश दिए हैं कि इस आदेश का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र कर्मचारियों को प्रशासनिक सुविधाओं का लाभ मिलने में देरी न हो।

कर्मचारी संगठनों की बड़ी जीत: ‘समान काम, समान अधिकार’ की ओर कदम

बता दें कि हरियाणा के एनएचएम कर्मचारी संगठन पिछले काफी समय से इस मांग को लेकर मुखर रहे हैं। संगठनों का तर्क था कि जब काम एक जैसा है, तो सेवा के नियम भी सबके लिए एक समान होने चाहिए। केवल कोर्ट जाने वाले कर्मचारियों को लाभ देना अन्य कर्मियों के साथ नाइंसाफी थी। अब सरकार के इस आदेश ने हजारों उन कर्मचारियों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है, जो लंबे समय से अनिश्चितता के दौर में काम कर रहे थे। हालांकि, आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि यह लाभ फिलहाल लंबित जनहित याचिका (PIL) के अंतिम फैसले के अधीन रहेगा, लेकिन मौजूदा परिस्थिति में यह कर्मचारियों के लिए एक बड़ी राहत है।

क्या होगा इस फैसले का असर?

सर्विस बाय-लॉज लागू होने का सीधा मतलब है कि अब एनएचएम कर्मियों को छुट्टी, वेतन वृद्धि और अन्य सेवा लाभों के लिए स्पष्ट नियमों का सहारा मिलेगा। इससे पहले कई बार प्रशासनिक स्तर पर नियमों की व्याख्या अलग-अलग होने के कारण कर्मचारियों को परेशानी होती थी। अब एक समान नियमावली होने से विभाग में पारदर्शिता आएगी और कर्मचारियों का मनोबल भी बढ़ेगा। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को स्पष्ट कर दिया गया है कि इस फैसले को लागू करने में किसी भी तरह की कोताही न बरती जाए।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।