हरियाणा। हरियाणा के राजस्व विभाग में मैनपावर की कमी को दूर करने की दिशा में बुधवार को एक महत्वपूर्ण पड़ाव पार कर लिया गया। नवचयनित पटवारियों के लिए आयोजित की गई अनिवार्य विभागीय परीक्षा के नतीजे घोषित कर दिए गए हैं। इस परीक्षा में प्रदेश भर के 2522 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 2096 ने कामयाबी का परचम लहराया है। इन सफल उम्मीदवारों के लिए अब फील्ड में उतरने का रास्ता साफ हो गया है। सरकार की योजना इन्हें जल्द से जल्द नियुक्ति पत्र सौंपकर उन क्षेत्रों में तैनात करने की है, जहां लंबे समय से पटवारियों के पद रिक्त चल रहे हैं।
फेल हुए अभ्यर्थियों को संजीवनी, दोबारा परीक्षा का सुनहरा मौका
परीक्षा परिणाम में जो 426 अभ्यर्थी अपनी जगह नहीं बना पाए, उनके लिए विभाग ने एक राहत भरी खबर दी है। भू-अभिलेख निदेशालय के निदेशक डॉ. यशपाल ने स्पष्ट किया है कि असफल रहे युवाओं को सेवा से बाहर नहीं किया जाएगा, बल्कि उन्हें अपनी योग्यता साबित करने के लिए जल्द ही एक और मौका दिया जाएगा। विभाग द्वारा इन अभ्यर्थियों के लिए दोबारा विभागीय परीक्षा आयोजित की जाएगी। इस फैसले से उन युवाओं ने राहत की सांस ली है जो मामूली अंकों से चूक गए थे।
2700 खाली सर्कलों पर टिकी नजर, आम जनता को मिलेगी राहत
वर्तमान में हरियाणा के राजस्व ढांचे पर काम का भारी बोझ है। आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में लगभग 2700 पटवार सर्कल ऐसे हैं जहां कोई स्थायी पटवारी तैनात नहीं है। कई जगह एक ही पटवारी के पास तीन से चार गांवों का अतिरिक्त कार्यभार है, जिससे जमीन की पैमाइश, इंतकाल और अन्य राजस्व कार्यों में देरी हो रही है। 2096 नए पटवारियों की जॉइनिंग के बाद ग्रामीण इलाकों में प्रशासनिक कार्यों की रफ्तार बढ़ेगी और आम जनता को तहसील व दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिलेगी।
डॉ. यशपाल का बयान: पारदर्शी तरीके से बढ़ेगी प्रक्रिया आगे
निदेशक डॉ. यशपाल के अनुसार, विभागीय परीक्षा का परिणाम पूरी पारदर्शिता के साथ तैयार किया गया है। अब सफल उम्मीदवारों के दस्तावेजों के अंतिम सत्यापन और ट्रेनिंग रिकॉर्ड के आधार पर उनकी तैनाती की प्रक्रिया को गति दी जाएगी। उन्होंने कहा कि विभाग का लक्ष्य खाली पड़े हर सर्कल को जल्द से जल्द भरना है ताकि राजस्व सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक समय पर पहुंच सके। अगले कुछ हफ्तों में जिलों के अनुसार अलॉटमेंट लिस्ट जारी होने की संभावना है।

