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Haryana Patwari Smart Tablet: हरियाणा सरकार ने पटवारियों और कानूनगो के लिए 4156 स्मार्ट टैबलेट को मंजूरी दी है। इससे राजस्व सेवाएं डिजिटल होंगी और किसानों को तेज सेवाएं मिलेंगी

AAmandeep Singh
हरियाणा के पटवारी होंगे हाईटेक: सरकार खरीदेगी 4156 स्मार्ट टैबलेट, जानें कैसे बदलेगा काम का तरीका
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हरियाणा। चंडीगढ़ से बड़ी खबर है। हरियाणा सरकार ने सूबे के राजस्व ढांचे को पूरी तरह डिजिटल सांचे में ढालने की तैयारी कर ली है। दशकों से लाल बस्ते, मैनुअल रिकॉर्ड और कागजी फाइलों के भरोसे चल रहा पटवारियों का काम अब पूरी तरह बदलने वाला है। सरकार ने फील्ड में तैनात पटवारियों और कानूनगो के लिए 4156 हाई-एंड स्मार्ट टैबलेट खरीदने के प्रस्ताव पर मुहर लगा दी है। वित्त आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा के मुताबिक, यह कदम तकनीक को उस आखिरी कड़ी तक ले जाने की कोशिश है, जहां सरकारी मशीनरी का सीधा संपर्क आम नागरिक और किसान से होता है।

फील्ड में ही होगा सर्वे, ‘वॉयस-टू-टेक्स्ट’ से आसान होगी डेटा एंट्री

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अब तक पटवारियों को किसी भी सर्वे या डेटा एंट्री के लिए पहले फील्ड में जाकर नोट बनाना पड़ता था और फिर दफ्तर आकर उसे रजिस्टर में दर्ज करना होता था। इस लंबी प्रक्रिया में अक्सर विसंगतियां और देरी की गुंजाइश बनी रहती थी। नए स्मार्ट टैबलेट्स में ऐसी सुविधाएं दी गई हैं कि अधिकारी मौके पर ही ‘जीपीएस-टैग्ड’ फोटो ले सकेंगे, जिससे किसी भी तरह की हेरफेर की संभावना खत्म हो जाएगी। खास बात यह है कि इसमें ‘वॉयस-टू-टेक्स्ट’ का फीचर होगा, यानी पटवारी को लंबी टाइपिंग नहीं करनी होगी, बल्कि बोलकर भी डेटा फीड किया जा सकेगा, जो सीधे सरकारी सर्वर पर अपडेट हो जाएगा।

क्या है इन टैबलेट्स की खूबी?

सरकार द्वारा खरीदे जा रहे इन टैबलेट्स को विशेष रूप से फील्ड वर्क की जरूरतों को ध्यान में रखकर चुना गया है। इनमें बड़ी डिस्प्ले के साथ-साथ मजबूत प्रोसेसिंग पावर और लंबी बैटरी लाइफ होगी, ताकि दूर-दराज के इलाकों में बिना रुकावट काम हो सके। एलटीई कनेक्टिविटी और जीपीएस के जरिए ये डिवाइस हमेशा मुख्य नेटवर्क से जुड़े रहेंगे। सुरक्षा के लिहाज से इन सभी डिवाइसों को ‘मोबाइल डिवाइस मैनेजमेंट सिस्टम’ से जोड़ा जाएगा, जिससे डेटा चोरी होने का खतरा नहीं रहेगा और उच्च अधिकारी रीयल-टाइम में मॉनिटरिंग कर सकेंगे कि कौन सा काम कहां तक पहुंचा है।

किसानों के लिए ‘गेम चेंजर’ साबित होगी यह पहल

इस डिजिटल बदलाव का सबसे बड़ा फायदा हरियाणा के किसानों को होने वाला है। अक्सर फसल खराबे की गिरदावरी या जमीन के इंतकाल (म्यूटेशन) के लिए किसानों को तहसीलों और पटवारखानों के चक्कर काटने पड़ते थे। अब टैबलेट के जरिए गिरदावरी की जानकारी मौके से ही अपलोड होगी, जिससे प्राकृतिक आपदा की स्थिति में मुआवजा वितरण की प्रक्रिया काफी तेज हो जाएगी। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल राजस्व सेवाओं में पारदर्शिता आएगी, बल्कि आम आदमी का सरकारी सिस्टम पर भरोसा भी मजबूत होगा।

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