Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Haryana Petrol Pump Rules: हरियाणा में 29 पेट्रोल पंपों पर बड़ी कार्रवाई, 200 लीटर से ज्यादा डीजल देने पर लगी रोक

AAmandeep Singh
Haryana Petrol Pump Rules: हरियाणा में 29 पेट्रोल पंपों पर बड़ी कार्रवाई, 200 लीटर से ज्यादा डीजल देने पर लगी रोक
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। केंद्र सरकार द्वारा डीजल बिक्री पर लगाई गई 200 लीटर की लिमिट ने हरियाणा में भारी बवाल खड़ा कर दिया है। नेशनल हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंपों के लिए यह आदेश अब गले की फांस बन चुका है। नियमों की अनदेखी करने पर तेल कंपनियों ने अब तक प्रदेश के 29 पेट्रोल पंपों पर सख्त कार्रवाई करते हुए उनकी सप्लाई रोक दी है। हालांकि, 24 घंटे की पेनाल्टी के बाद इन पंपों के नोजल दोबारा खोल दिए गए, लेकिन प्रशासन का सख्त रवैया पूरी तरह बरकरार है।

कंपनियों ने नोजल पर लगाया ऑटोमेशन सिस्टम

विज्ञापन

सरकारी आदेश के बावजूद कुछ पंप चोरी-छिपे भारी वाहनों को 200 लीटर से ज्यादा तेल दे रहे थे। तेल कंपनियों की मॉनिटरिंग में यह बात सामने आने के बाद अब व्यवस्था को 100 प्रतिशत डिजिटल कर दिया गया है। कंपनियों ने पेट्रोल पंप के हर नोजल पर सीधा ऑटोमेशन सिस्टम सेट कर दिया है। इसका सीधा असर यह है कि अब चाहकर भी कोई मशीन 200 लीटर से एक बूंद ज्यादा डीजल नहीं उगल सकती है।

डीलर खुद करें निगरानी, वर्ना गिरेगी गाज

प्रशासन और तेल कंपनियों ने सभी पेट्रोल पंप डीलरों को साफ हिदायत दे दी है। डीलरों को खुद रिटेल आउटलेट पर मौजूद रहकर हर बड़े लेन-देन की व्यक्तिगत निगरानी करनी होगी। अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अगर किसी भी कर्मचारी (करिंदे) की तरफ से नियमों में कोताही मिली, तो उसकी पूरी जवाबदेही सीधे तौर पर पेट्रोल पंप मालिक की होगी। नई अधिसूचना के अनुसार, 200 लीटर से ज्यादा डीजल सिर्फ पेट्रोलियम एंड एक्सप्लोसिव सेफ्टी ऑर्गेनाइजेशन (PESO) से मान्यता प्राप्त कंटेनर में ही दिया जा सकता है।

संजीव चौधरी बोले- युद्ध खत्म, अब आदेश लें वापस

इस पूरे मामले पर हरियाणा पेट्रोलियम वेलफेयर डीलर्स एसोसिएशन के प्रधान संजीव चौधरी ने साफ नाराजगी जताई है। संजीव चौधरी ने कहा कि प्रदेश के 29 पंपों पर हुई कार्रवाई के बाद कंपनियों ने खुद ही सख्ती शुरू कर दी है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि युद्ध के समय लागू किए गए इस फैसले को अब तुरंत प्रभाव से वापस लिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इस नियम से डीलरों के ऊपर काम का बेवजह दबाव बढ़ गया है।

ट्रांसपोर्टरों को लग रही है सबसे भारी चपत

इस नए नियम का सबसे घातक असर आम ट्रांसपोर्टरों और ट्रक ड्राइवरों की जेब पर पड़ रहा है। हरियाणा ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के प्रधान कुलदीप बैनीवाल का कहना है कि एक बड़े ट्रक के टैंक की क्षमता 700 लीटर से ज्यादा होती है। अगर किसी ट्रक को हरियाणा से माल लेकर मुंबई जाना है, तो उसे रास्ते में पड़ने वाले अलग-अलग राज्यों से तेल भरवाना पड़ता है। हर राज्य में डीजल के रेट में बड़ा अंतर है और कई पंपों पर उनका पुराना खाता चलता है, ऐसे में यह नियम सीधे तौर पर ट्रांसपोर्टरों को भारी घाटे में धकेल रहा है।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।