Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Haryana Police Recruitment: पुलिस कांस्टेबल भर्ती के अभ्यर्थियों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, परीक्षा में बैठने की मिली अनुमति

AAmandeep Singh
Haryana Police Recruitment: पुलिस कांस्टेबल भर्ती के अभ्यर्थियों को हाई कोर्ट से बड़ी राहत, परीक्षा में बैठने की मिली अनुमति
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। हरियाणा में 5,500 पदों पर चल रही पुलिस कांस्टेबल भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर कानूनी चौखट पर चर्चा का विषय बनी हुई है। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की शॉर्टलिस्टिंग नीति और सीईटी मुख्य परीक्षा के नियमों के खिलाफ अदालत पहुंचे युवाओं को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट से तात्कालिक संजीवनी मिल गई है। कोर्ट ने एक महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए सभी याचिकाकर्ताओं को ‘प्रोविजनल’ तौर पर सीईटी-2 (नॉलेज टेस्ट) में शामिल करने की अनुमति दे दी है। वर्तमान में आयोग द्वारा कांस्टेबल पदों के लिए फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) का आयोजन किया जा रहा है, जिसके ठीक बाद मुख्य परीक्षा होनी है।

सामान्य वर्ग की कटऑफ लांघने के बावजूद नहीं मिला था मौका, कोर्ट ने माना आधार

विज्ञापन

अदालत के भीतर याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने पुरजोर दलील दी कि इन अभ्यर्थियों के अंक सामान्य वर्ग के लिए निर्धारित कटऑफ से भी अधिक हैं, इसके बावजूद तकनीकी नियमों की आड़ में उन्हें मुख्य परीक्षा की रेस से बाहर किया जा रहा था। इस तर्क को गंभीरता से लेते हुए हाई कोर्ट ने उम्मीदवारों के पक्ष में फैसला सुनाया। हालांकि, अदालत ने अपने आदेश में यह लक्ष्मण रेखा भी खींच दी है कि यह अनुमति केवल अंतरिम व्यवस्था के तहत दी गई है और अंतिम फैसले से पहले इसे किसी भी स्थायी लाभ या चयन के अधिकार के रूप में नहीं देखा जाएगा।

सरकार ने कोर्ट के सामने रखा ’10 गुना’ का फॉर्मूला

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार और आयोग के वकीलों ने भर्ती की पूरी रूपरेखा पीठ के सामने रखी। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया कि:

श्रेणीवार नियम: साल 2024 की अधिसूचना और पंजाब पुलिस नियम 1934 के प्रावधानों के तहत क्वालिफाइंग टेस्ट पूरी तरह श्रेणीवार (Category-wise) आयोजित किए जा रहे हैं। मुख्य लिखित परीक्षा (नॉलेज टेस्ट) के लिए प्रत्येक श्रेणी में विज्ञापित कुल पदों के मुकाबले 10 गुना उम्मीदवारों को उनकी मेरिट के आधार पर शॉर्टलिस्ट किया जाएगा।

2 जुलाई को होने वाली सुनवाई पर टिकीं निगाहें

याचिकाकर्ताओं ने अदालत को यह भी अवगत कराया कि भर्ती नियमों और शॉर्टलिस्टिंग के इसी फार्मूले को लेकर एक अन्य महत्वपूर्ण याचिका पहले से ही हाई कोर्ट में लंबित है। उस मुख्य मामले पर अगली विस्तृत सुनवाई 2 जुलाई 2026 को होनी तय है। चूंकि दोनों मामले एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, इसलिए कोर्ट ने फिलहाल युवाओं का साल खराब होने से बचाने के लिए उन्हें परीक्षा में बैठने की छूट दे दी है। इस आदेश के बाद अब प्रभावित अभ्यर्थियों को प्रोविजनल एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।