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Haryana Police News: शाहाबाद के जलेबी पुल के पास मिला पुलिसकर्मी का शव; डायल-112 में तैनात हेड कांस्टेबल की मौत से मातम

AAmandeep Singh
शाहाबाद के जलेबी पुल के पास मिला पुलिसकर्मी का शव; डायल-112 में तैनात हेड कांस्टेबल की मौत से मातम
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कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद इलाके में शुक्रवार की सुबह एक बेहद दुखद खबर लेकर आई। रेलवे ट्रैक के किनारे जलेबी पुल के पास एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। शव से कुछ ही दूरी पर खड़ी लावारिस बाइक ने इस मौत की गुत्थी को सुलझाया। मृतक की पहचान अंबाला के सोंटी गांव निवासी 38 वर्षीय नरमेल सिंह के रूप में हुई, जो वर्तमान में कुरुक्षेत्र के झांसा थाने की डायल-112 (ERV) टीम में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे।

13 साल का पुलिस करियर और सीआईडी में सेवा

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नरमेल सिंह का पुलिस करियर काफी शानदार रहा था। साल 2011 में वह हरियाणा पुलिस का हिस्सा बने और अपनी सर्विस का एक बड़ा कालखंड उन्होंने गुप्तचर विभाग (CID) जैसी महत्वपूर्ण इकाई में बिताया। साल 2024 की शुरुआत में ही उनकी पोस्टिंग कुरुक्षेत्र में हुई थी। उनके साथियों के मुताबिक वह एक अनुशासित सिपाही थे, लेकिन बीते कुछ महीनों से उनकी खामोशी विभाग के गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई थी।

अस्पताल से भागे और फिर मिला मौत का बुलावा

मृतक के चचेरे भाई सुरेश पाल ने जो आपबीती सुनाई, वह किसी का भी दिल दहला देने वाली है। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले नरमेल सिंह की मां का देहांत हुआ था, जिसके बाद से वह गहरे मानसिक तनाव में रहने लगे। हाल ही में उनकी हालत इतनी बिगड़ी कि 19 अप्रैल को उन्हें अंबाला के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों ने उनके मानसिक संतुलन को लेकर चिंता जताई थी, लेकिन 23 अप्रैल को वह अस्पताल से बिना डिस्चार्ज लिए ही अचानक घर लौट आए। शुक्रवार सुबह 7 बजे वह घर से बाइक लेकर निकले थे और तीन घंटे बाद उनकी मौत की खबर घर पहुंची।

पहले भी दी थी मौत को चुनौती

यह पहली बार नहीं था जब नरमेल सिंह का सामना मौत से हुआ था। पिछले साल उन्होंने अपनी ही सर्विस रिवॉल्वर से खुद की छाती में गोली दाग दी थी। उस वक्त चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों ने कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें मौत के मुंह से बाहर निकाला था। लेकिन इस बार किस्मत ने उनका साथ नहीं दिया। जीआरपी थाना कुरुक्षेत्र के एसआई राजेंद्र कुमार ने बताया कि परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं और प्रारंभिक तौर पर इसे एक इत्तफाकिया हादसा मानकर रिपोर्ट दर्ज की गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है।

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