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Haryana Rajya Sabha Election : हरियाणा कांग्रेस में बड़ी टूट: राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायक सस्पेंड

AAmandeep Singh
हरियाणा कांग्रेस में बड़ी टूट: राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले 5 विधायक सस्पेंड
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हरियाणा। हरियाणा की सियासत में ‘आया राम-गया राम’ का दौर भले ही पुराना हो, लेकिन राज्यसभा चुनाव 2026 में हुई क्रॉस वोटिंग ने एक बार फिर पुराने जख्म हरे कर दिए हैं। कांग्रेस पार्टी ने अपने कुनबे में सेंध लगाने वाले 5 विधायकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। पार्टी आलाकमान ने इन सभी को प्राथमिक सदस्यता से सस्पेंड कर स्पष्ट संदेश दिया है कि संगठन से ऊपर कोई नहीं है।

जीत के जश्न में ‘क्रॉस वोटिंग’ की कड़वाहट

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बीती 16 मार्च को हरियाणा की दो राज्यसभा सीटों के लिए हुए दंगल में कांग्रेस ने करमवीर सिंह बौद्ध को मैदान में उतारा था। गणित बिल्कुल सीधा था—90 सदस्यीय सदन में कांग्रेस के पास 37 विधायक थे और जीत के लिए महज 31 वोटों की दरकार थी। करमवीर सिंह बौद्ध ने जीत तो दर्ज कर ली, लेकिन जब वोटों की गिनती का विश्लेषण हुआ, तो कांग्रेस नेतृत्व के पैरों तले जमीन खिसक गई। पता चला कि पार्टी के 5 विधायकों ने आधिकारिक उम्मीदवार के बजाय निर्दलीय प्रत्याशी सतीश नांदल के पक्ष में मतदान किया था।

भीतरघात ने बढ़ाई आलाकमान की टेंशन

हालांकि कांग्रेस का उम्मीदवार जीतने में सफल रहा, लेकिन जीत का यह स्वाद उस वक्त फीका पड़ गया जब पार्टी को अपने ही रणनीतिकारों की विफलता और विधायकों की बगावत का सामना करना पड़ा। दिल्ली दरबार में पेश हुई गोपनीय रिपोर्ट के बाद यह साफ हो गया कि इन 5 विधायकों ने न केवल व्हिप का उल्लंघन किया, बल्कि जानबूझकर पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचाया। राजनैतिक गलियारों में चर्चा है कि यह बगावत किसी बड़े गुटीय संघर्ष का हिस्सा हो सकती है।

निलंबन के बाद क्या?

पार्टी से निलंबित किए गए इन विधायकों के भविष्य पर अब तलवार लटक गई है। सूत्रों की मानें तो कांग्रेस अब विधानसभा अध्यक्ष के पास इन विधायकों की सदस्यता रद्द करने की याचिका (Disqualification Petition) दायर करने पर भी विचार कर रही है। हरियाणा कांग्रेस के अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में कहा है कि लोकतंत्र में संख्या बल मायने रखता है, लेकिन नैतिकता से समझौता करने वालों के लिए पार्टी में कोई जगह नहीं है।

इस कार्रवाई ने उन अन्य गुटों को भी सचेत कर दिया है जो पर्दे के पीछे से सरकार या निर्दलीय उम्मीदवारों के संपर्क में थे। अब देखना यह होगा कि निलंबित किए गए ये 5 ‘माननीय’ निर्दलीय खेमे की शरण लेते हैं या फिर अपनी गलती सुधारने के लिए आलाकमान के सामने नाक रगड़ते नजर आएंगे। फिलहाल, हरियाणा कांग्रेस में सन्नाटा पसरा है, जो किसी बड़े राजनैतिक तूफान की आहट भी हो सकता है।

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