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हरियाणा राज्यसभा चुनाव: सीक्रेटी लीक होने पर कांग्रेस विधायक का वोट रद्द, मतगणना 5 घंटे रुकी

AAmit Gupta
हरियाणा राज्यसभा चुनाव: सीक्रेटी लीक होने पर कांग्रेस विधायक का वोट रद्द, मतगणना 5 घंटे रुकी
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चंडीगढ़ . हरियाणा विधानसभा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए चल रही मतगणना में हाई-वोल्टेज राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला है। मतदान प्रक्रिया के दौरान बैलेट की गोपनीयता (सीक्रेटी) भंग होने के गंभीर आरोपों के कारण वोटों की गिनती तय समय से लगभग साढ़े पांच घंटे देरी से शुरू हो सकी। इस विवाद ने पूरी चुनावी प्रक्रिया और नतीजों को लेकर विधानसभा के भीतर माहौल बेहद तनावपूर्ण बना दिया है।

सीक्रेटी लीक विवाद: कांग्रेस विधायक का वोट रद्द

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शाम के समय मतदान प्रक्रिया में उस वक्त हड़कंप मच गया जब भारतीय जनता पार्टी ने ऐलनाबाद के विधायक भरत सिंह बेनीवाल और टोहाना के विधायक परमवीर सिंह के वोटों की सीक्रेटी लीक होने की लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके जवाब में कांग्रेस ने भी तुरंत आक्रामक रुख अपनाते हुए कैबिनेट मंत्री अनिल विज के वोट को लेकर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटाया।

इन क्रॉस-शिकायतों की गहन जांच के बाद चुनाव आयोग ने कड़ा एक्शन लिया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, आयोग ने टोहाना से कांग्रेस विधायक परमवीर सिंह के वोट को पूरी तरह रद्द कर दिया है। वहीं, कैबिनेट मंत्री अनिल विज और ऐलनाबाद के विधायक भरत सिंह बेनीवाल के वोटों को वैलिड (वैध) करार दिया गया है। हालांकि, चुनाव आयोग की तरफ से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

सतीश नांदल की उम्मीदें और विधानसभा का गणित

हरियाणा की 90 सीटों वाली विधानसभा में इस बार केवल 88 विधायकों ने ही अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) के दोनों विधायक, अर्जुन चौटाला और आदित्य देवीलाल, इस पूरी मतदान प्रक्रिया से जानबूझकर दूर रहे।

अगर मौजूदा संख्याबल को देखा जाए, तो भाजपा के उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस कैंडिडेट कर्मवीर बौद्ध के पास अपनी-अपनी जीत तय करने के लिए पर्याप्त आंकड़े मौजूद हैं। लेकिन कांग्रेस का वोट रद्द होने या किसी भी तरह की क्रॉस वोटिंग होने की स्थिति में भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल बड़ा उलटफेर कर सकते हैं और दूसरी सीट पर आसानी से कब्जा जमा सकते हैं।

अभय चौटाला का बड़ा हमला: क्रॉस वोटिंग है पाप

मतदान प्रक्रिया से दूरी बनाने पर इनेलो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अभय चौटाला ने अपनी पार्टी का रुख बिल्कुल साफ कर दिया। उन्होंने दो टूक कहा कि जनता की आवाज सुनने के बाद ही दोनों विधायकों को चुनाव से दूर रहने का फैसला लिया गया है। चौटाला ने भाजपा पर सीधा हमला बोलते हुए उस पर जात-पात और मजहब की राजनीति करने का खुला आरोप लगाया।

अभय चौटाला ने यह भी खुलासा किया कि निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने उनसे व्यक्तिगत मुलाकात की थी, लेकिन उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि अंतिम फैसला पार्टी का सामूहिक ही होगा। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस खेमे में कोई क्रॉस वोट होता है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी भूपेंद्र सिंह हुड्डा की होगी और कांग्रेस 30 का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी। उन्होंने मांग की कि क्रॉस वोटिंग को पाप मानते हुए इसके खिलाफ सख्त से सख्त कानून बनना चाहिए।

फ्रैक्चर के बावजूद व्हीलचेयर पर पहुंचे अनिल विज

इस हाई-प्रोफाइल चुनाव में कैबिनेट मंत्री अनिल विज का जज्बा भी पूरे दिन चर्चा का विषय बना रहा। दोनों पैरों में गंभीर फ्रैक्चर होने के बावजूद विज व्हीलचेयर पर बैठकर अपना वोट डालने विधानसभा पहुंचे।

इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की घेराबंदी करते हुए बेहद कड़ा तंज कसा। अनिल विज ने कहा कि यह पार्टी का वोट है और उन्हें आना ही था, चाहे वह व्हीलचेयर पर आएं या स्ट्रेचर पर। उन्होंने कांग्रेस नेताओं पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उन्हें अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है, इसीलिए वे उन्हें बांधकर जगह-जगह घुमाते रहे। विज ने कहा कि अगर विधायकों को सिर्फ ट्रेनिंग ही देनी थी, तो वह यहां चंडीगढ़ में भी आसानी से दी जा सकती थी।

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