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Haryana Rajya Sabha Election: हरियाणा राज्यसभा चुनाव: भाजपा और निर्दलीय नांदल ने बढ़ाई कांग्रेस की टेंशन

AAmandeep Singh
हरियाणा राज्यसभा चुनाव: भाजपा और निर्दलीय नांदल ने बढ़ाई कांग्रेस की टेंशन
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हरियाणा। हरियाणा की सियासत में आज का सोमवार भारी गहमागहमी लेकर आया है। राज्यसभा की दो सीटों के लिए विधानसभा परिसर में वोटिंग प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। सत्तापक्ष भाजपा जहां पूरी तरह आश्वस्त नजर आ रही है, वहीं विपक्ष को ‘हॉर्स ट्रेडिंग’ का डर सता रहा है। यही वजह रही कि कांग्रेस ने अपने विधायकों को तीन दिनों तक हिमाचल प्रदेश के कुफरी और कसौली के आलीशान होटलों में ठहराए रखा। सोमवार सुबह करीब 31 कांग्रेसी विधायक कसौली से सीधे चंडीगढ़ विधानसभा पहुंचे। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने मतदान के शुरुआती दौर में ही अपना वोट डालकर भाजपा की एकजुटता का संदेश दिया। उनके साथ कैबिनेट मंत्री मूलचंद शर्मा और विधायक राम कुमार गौतम ने भी अपने मताधिकार का प्रयोग किया।

दूसरी सीट का गणित: क्या सतीश नांदल बिगाड़ेंगे कांग्रेस का खेल?

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हरियाणा में राज्यसभा की एक सीट भाजपा के खाते में जाना तय माना जा रहा है, जहां से संजय भाटिया उम्मीदवार हैं। असली पेंच दूसरी सीट पर फंसा है। कांग्रेस ने यहां से कर्मबीर बौद्ध को मैदान में उतारा है, जिनके पास जीत के लिए जरूरी 31 वोटों का आंकड़ा (कुल 37 विधायक) मौजूद है। लेकिन निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल ने भाजपा और अन्य निर्दलीयों के समर्थन के दावे के साथ मुकाबले को त्रिकोणीय बना दिया है। नांदल की एंट्री ने कांग्रेस की धड़कनें बढ़ा दी हैं, क्योंकि भाजपा के पास अपने उम्मीदवार को जिताने के बाद भी 17 अतिरिक्त वोट बचेंगे। यदि भाजपा इनेलो और निर्दलीयों के साथ-साथ कांग्रेस के खेमे में सेंधमारी करने में कामयाब रही, तो समीकरण बदल सकते हैं।

हिमाचल से चंडीगढ़ तक की ‘रिजॉर्ट पॉलिटिक्स’

कांग्रेस ने अपने कुनबे को बिखरने से बचाने के लिए शुक्रवार को ही विधायकों को हिमाचल शिफ्ट कर दिया था। पहले शिमला के कुफरी में वाइल्ड फ्लावर हॉल में मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के साथ लंच हुआ, फिर खराब मौसम और बर्फ़बारी की आशंका के चलते विधायकों को सोलन के कसौली ले जाया गया। कांग्रेस आलाकमान को डर था कि किरण चौधरी के भाजपा में जाने के बाद जो रिक्तियां हुई हैं, कहीं उसका असर इस चुनाव पर न पड़ जाए। आज सुबह जैसे ही विधायकों की बस विधानसभा पहुंची, सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखे गए। विपक्षी खेमा किसी भी तरह की ‘क्रॉस वोटिंग’ से बचने के लिए बेहद सतर्क नजर आ रहा है।

वोटों का समीकरण: जीत के लिए चाहिए 31 का आंकड़ा

90 सदस्यीय हरियाणा विधानसभा में जीत का गणित बेहद सीधा लेकिन पेचीदा है। प्रत्येक उम्मीदवार को जीत के लिए 31 प्राथमिक वोटों की आवश्यकता है। वर्तमान में भाजपा के पास 48 विधायक हैं, जबकि कांग्रेस के पास 37 सदस्य हैं। इनेलो के पास 2 और निर्दलीय विधायकों की संख्या 3 है। भाजपा ने संजय भाटिया के लिए 31 वोट सुरक्षित रखे हैं, जबकि बाकी बचे 17 वोट वह निर्दलीय सतीश नांदल के पक्ष में डाल सकती है। अब सारा दारोमदार इस बात पर टिका है कि क्या सतीश नांदल 14 अतिरिक्त वोटों का जुगाड़ कर पाएंगे या कांग्रेस अपने सभी 37 विधायकों को एकजुट रखकर कर्मबीर बौद्ध को राज्यसभा भेज पाएगी।

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