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Haryana Rajya Sabha election: हरियाणा राज्यसभा की 2 सीटों पर आज साफ होगी तस्वीर, मैदान में 3 उम्मीदवारों से बढ़ी सियासी हलचल

AAmandeep Singh
हरियाणा राज्यसभा की 2 सीटों पर आज साफ होगी तस्वीर, मैदान में 3 उम्मीदवारों से बढ़ी सियासी हलचल
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हरियाणा। हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के चुनाव को लेकर चंडीगढ़ से लेकर विधानसभा तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सोमवार को नामांकन वापस लेने का आखिरी दिन है और इसी के बाद यह साफ हो जाएगा कि मुकाबला सीधा होगा या त्रिकोणीय। फिलहाल भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार संजय भाटिया, कांग्रेस के उम्मीदवार कर्मवीर बौद्ध और भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल मैदान में हैं।

राज्यसभा चुनाव को लेकर सत्तारूढ़ दल और विपक्ष दोनों सक्रिय दिखाई दे रहे हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कांग्रेस के एक विधायक से मुलाकात की, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

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तीन उम्मीदवारों से दिलचस्प बने समीकरण

दो सीटों के लिए तीन उम्मीदवारों की मौजूदगी ने चुनाव को रोचक बना दिया है। आम तौर पर संख्या बल के आधार पर ऐसे चुनाव सीधे तय हो जाते हैं, लेकिन इस बार तीसरे उम्मीदवार के मैदान में रहने से राजनीतिक रणनीतियों पर नजर टिक गई है।

विधानसभा में विधायकों के समर्थन के आधार पर ही राज्यसभा के उम्मीदवारों की जीत तय होती है। ऐसे में पार्टियां अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने में जुटी हुई हैं।

आज नामांकन वापसी के बाद साफ होगी स्थिति

नामांकन वापस लेने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि अंतिम मुकाबला किन उम्मीदवारों के बीच होगा। अगर किसी उम्मीदवार ने नाम वापस ले लिया तो मुकाबला आसान हो सकता है, लेकिन तीनों के मैदान में रहने पर चुनाव की स्थिति बदल सकती है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हरियाणा की विधानसभा में मौजूदा संख्या बल के कारण हर वोट की अहमियत बढ़ गई है। इसी वजह से सभी दल अपने विधायकों के संपर्क में हैं और रणनीति पर काम कर रहे हैं।

राज्यसभा चुनाव में क्यों बढ़ जाती है राजनीतिक सक्रियता

राज्यसभा चुनाव सीधे जनता के वोट से नहीं होते। इन चुनावों में विधानसभा के निर्वाचित विधायक वोट डालते हैं और उसी आधार पर उम्मीदवारों की जीत तय होती है। यही कारण है कि जब भी सीटों के मुकाबले ज्यादा उम्मीदवार मैदान में होते हैं तो राजनीतिक दल अपने विधायकों को साथ रखने और अतिरिक्त समर्थन जुटाने में पूरी ताकत लगा देते हैं। हरियाणा में भी इस बार यही स्थिति देखने को मिल रही है।

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