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Ration Depot News: राशन डिपो के चक्कर काट रहे गरीब, आधा मार्च बीतने के बाद भी खाली हैं हाथ; मशीनों में आई तकनीकी खराबी बनी फांस

AAmandeep Singh
राशन डिपो के चक्कर काट रहे गरीब, आधा मार्च बीतने के बाद भी खाली हैं हाथ; मशीनों में आई तकनीकी खराबी बनी फांस
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हरियाणा। हरियाणा के सरकारी राशन डिपो पर इस महीने एक अजीबोगरीब सन्नाटा पसरा हुआ है, लेकिन यह शांति डिपो धारकों और कार्डधारकों के बीच बढ़ते तनाव का संकेत है। मार्च का आधा महीना गुजरने को है, लेकिन प्रदेश के लाखों गरीब परिवारों को अब तक सरकारी राशन नसीब नहीं हुआ है। इसके पीछे की वजह कोई अनाज की कमी नहीं, बल्कि वो तकनीक है जिसके भरोसे पारदर्शी वितरण का दावा किया जाता है। बताया जा रहा है कि अद्वितीय उपकरण पहचान (UDI) में आई तकनीकी खराबी के कारण पीओएस (POS) मशीनें ठप पड़ी हैं, जिससे अंगूठे का निशान (Biometric) मैच नहीं हो पा रहा।

डिपो पर बढ़ा तनाव: उम्मीद लेकर आते हैं लोग, हताशा लेकर लौटते हैं

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राशन डिपो के बाहर सुबह से ही कार्डधारकों की कतारें लगनी शुरू हो जाती हैं, लेकिन जैसे ही डिपो होल्डर मशीन के न चलने की मजबूरी बताता है, माहौल गर्मा जाता है। कई जगहों से डिपो धारकों और आम जनता के बीच तीखी बहस और कहासुनी की खबरें आ रही हैं।

कार्डधारकों की परेशानी: दिहाड़ी-मजदूरी करने वाले लोग अपना काम छोड़कर राशन के लिए आते हैं, लेकिन मशीन में ‘सिस्टम एरर’ उनकी उम्मीदों पर पानी फेर देता है।

डिपो होल्डर्स का दर्द: पानीपत डिपो एसोसिएशन के प्रधान मुकेश (कन्हैया) का कहना है कि लोग हर रोज लड़ने को तैयार रहते हैं। उन्हें समझाना मुश्किल हो गया है। अगर मशीनें जल्द ठीक नहीं हुईं, तो महीने के आखिरी दिनों में भारी भीड़ को संभालना असंभव होगा।

क्या है पूरा गणित और कहाँ फंसा है पेंच?

अधिकारियों के अनुसार, यह समस्या सॉफ्टवेयर अपडेट या यूडीआई (UDI) सर्वर में आई किसी तकनीकी खामी की वजह से है। अकेले पानीपत जिले की बात करें तो यहाँ 494 सरकारी राशन डिपो हैं, जिनसे 2,06,724 कार्डधारक जुड़े हुए हैं।

किसे क्या मिलता है?

अन्त्योदय अन्न योजना (AAY) और बीपीएल श्रेणी के परिवारों को प्रति यूनिट 5 किलो गेहूं के साथ-साथ 2 लीटर सरसों का तेल और एक किलो चीनी दी जाती है। मार्च महीने का आधा राशन अब भी गोदामों या डिपो के कमरों में बंद है क्योंकि कागजी खानापूर्ति बिना डिजिटल मशीन के पूरी नहीं हो सकती।

‘दो महीने का राशन एक साथ मिले’ – एसोसिएशन की मांग

डिपो एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश कुमार ने सरकार और विभाग के सामने एक व्यावहारिक प्रस्ताव रखा है। उन्होंने कहा कि 11-12 मार्च तक भी मशीनें काम नहीं कर रही हैं। ऐसे में सरकार को चाहिए कि:

पिछला बकाया और मौजूदा महीने का राशन एक साथ बांटने की अनुमति दी जाए।

कमीशन के भुगतान में तेजी लाई जाए, क्योंकि 6 महीने के काम के बदले मात्र 2 महीने का कमीशन जारी किया जा रहा है, जिससे डिपो धारकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

अधिकारियों का पक्ष: “हमें जानकारी नहीं”

एक तरफ जनता परेशान है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक अमला जमीनी हकीकत से बेखबर नजर आता है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी दिव्या कुंडू ने संपर्क करने पर कहा कि जिले में राशन वितरण न होने को लेकर उनके पास कोई औपचारिक जानकारी नहीं है। अधिकारियों का यह ‘अनजान’ रवैया उन परिवारों के लिए घाव पर नमक जैसा है जिनका चूल्हा सरकारी राशन के भरोसे जलता है।

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