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तहसीलों के चक्कर खत्म! हरियाणा में 95933-00009 पर मैसेज करते ही मिलेगी जमीन की पूरी डिटेल

AAmit Gupta
तहसीलों के चक्कर खत्म! हरियाणा में 95933-00009 पर मैसेज करते ही मिलेगी जमीन की पूरी डिटेल
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चंडीगढ़. हरियाणा के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने प्रदेशवासियों को बड़ी राहत देते हुए घर बैठे जमीन से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए ‘भू-मित्र’ व्हाट्सएप चैटबॉट लॉन्च किया है। राज्य के लोग अब अपने मोबाइल पर व्हाट्सएप नंबर 95933-00009 सेव करके 24 घंटे जमाबंदी, इंतकाल और डीड रजिस्ट्रेशन जैसी तमाम राजस्व सुविधाओं का सीधा लाभ ले सकते हैं। इस नई व्यवस्था से आम जनता को अब तहसीलों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे और सरकारी दफ्तरों के कामों में होने वाली अनावश्यक देरी भी पूरी तरह से खत्म हो जाएगी।

तहसीलों के चक्कर काटने से मिलेगी स्थायी मुक्ति

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इस नई डिजिटल पहल के तहत आम नागरिक अब भूमि स्वामित्व और खेती से जुड़े आवश्यक रिकॉर्ड के लिए बेहद आसानी से आवेदन कर सकते हैं। चैटबॉट के माध्यम से जमाबंदी की प्रमाणित कॉपी और जमीन के मालिकाना हक में बदलाव से जुड़ी इंतकाल (म्यूटेशन) की प्रति चंद मिनटों में प्राप्त की जा सकती है। इसके अलावा संपत्ति की रजिस्ट्री कराने के लिए घर बैठे ही टोकन बुक कराने की सुविधा भी इस नए सिस्टम में जोड़ दी गई है। मुआवजा पंजीकरण और रजिस्ट्री से संबंधित सभी तरह की सहायता अब सीधे फोन पर उपलब्ध होगी।

शिकायतों की होगी पूरी रियल-टाइम ट्रैकिंग

पहले प्रदेश के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों के लोगों को जमीन की पैमाइश या अन्य राजस्व कार्यों के लिए अपनी संबंधित तहसील या उप-तहसीलों के बार-बार चक्कर काटने पड़ते थे। अब इस चैटबॉट के जरिये जमीन के सीमांकन (नपाई) के लिए सीधा ऑनलाइन आवेदन किया जा सकेगा। यही नहीं, भूमि और राजस्व से जुड़ी किसी भी प्रकार की शिकायत भी इसी प्लेटफॉर्म पर दर्ज कराई जा सकती है। दर्ज की गई शिकायत किस अधिकारी के पास लंबित है और उसका समाधान कब तक होगा, इसकी पूरी रियल-टाइम ट्रैकिंग नागरिक खुद अपने मोबाइल पर कर सकेंगे।

भविष्य में जुड़ेंगी कई और अहम नागरिक सेवाएं

हरियाणा सरकार का मुख्य लक्ष्य इस ‘भू-मित्र’ प्लेटफॉर्म को आने वाले समय में और अधिक व्यापक व जन-उपयोगी बनाना है। राजस्व विभाग जल्द ही इस सिस्टम में कई अन्य महत्वपूर्ण सेवाएं भी जोड़ने जा रहा है ताकि आमजन को एक ही जगह पर हर समाधान मिल सके। इस पूरी योजना के पीछे सरकार की मंशा विभागीय कार्यों में होने वाली देरी को खत्म करना है, ताकि विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों का समय और पैसा दोनों बच सके।

व्हाट्सएप नंबर 95933-00009 पर मिलेंगी सभी सुविधाएं

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की वित्तीय आयुक्त डॉ. सुमिता मिश्रा ने इस सेवा की कार्यप्रणाली स्पष्ट करते हुए बताया कि इसका उपयोग करना आम जनता के लिए बेहद सरल है। प्रदेश के नागरिकों को अपने मोबाइल फोन में केवल 95933-00009 व्हाट्सएप नंबर सेव करना होगा। इस नंबर पर एक साधारण मैसेज भेजते ही ‘भू-मित्र’ सेवा एक्टिवेट हो जाएगी और नागरिक अपनी सुविधानुसार हिंदी या अंग्रेजी भाषा में चैटबॉट से संवाद कर सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अगले सप्ताह से डीड पंजीकरण से जुड़े जरूरी एसएमएस अलर्ट भी इसी चैटबॉट के जरिए सीधे लोगों के फोन पर पहुंचने लगेंगे।

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