हरियाणा। हरियाणा रोडवेज ने यात्रियों की सुविधा और रूट की मांग को देखते हुए चंडीगढ़ से जयपुर के बीच चलने वाली अपनी एकमात्र रात्रि बस सेवा का नया टाइम-टेबल सार्वजनिक कर दिया है। यह बस सेवा उन यात्रियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो चंडीगढ़, अंबाला या करनाल से सीधे राजस्थान की राजधानी की यात्रा करना चाहते हैं। नई बस सेवा न केवल आरामदायक है, बल्कि समय की बचत के साथ-साथ दिल्ली और गुरुग्राम जैसे व्यस्त इलाकों के लिए भी बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान कर रही है। विभाग की ओर से जारी शेड्यूल के मुताबिक, यह बस हरियाणा के प्रमुख शहरों को कवर करते हुए लंबी दूरी का सफर तय करेगी।
दोपहर में रवानगी, सुबह पहुंचेंगे गुलाबी शहर
समय सारिणी पर नजर डालें तो चंडीगढ़ डिपो की यह बस दोपहर बाद 3:40 बजे प्रस्थान करेगी। इसके बाद अंबाला से शाम 5:00 बजे, करनाल से 6:40 बजे और पानीपत से 7:30 बजे सवारियां लेते हुए रात 10:00 बजे दिल्ली के आईएसबीटी (ISBT) पहुंचेगी। दिल्ली से निकलने के बाद यह बस गुरुग्राम, बावल, कोटपुतली और शाहपुरा के रास्ते होते हुए अगले दिन तड़के 3:30 बजे जयपुर पहुंच जाएगी। रात के समय संचालित होने के कारण यात्रियों को जाम से भी कम जूझना पड़ेगा और सफर फर्राटेदार होगा।
जयपुर से वापसी का क्या है समय?
राजस्थान से हरियाणा और चंडीगढ़ आने वाले यात्रियों के लिए भी रोडवेज ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। जयपुर के सिंधी कैंप बस स्टैंड से यह गाड़ी शाम 6:00 बजे रवाना होगी। वापसी के दौरान यह रात 12:50 बजे दिल्ली पहुंचेगी, जहां से पानीपत के लिए रात 2:30 बजे और करनाल के लिए तड़के 3:00 बजे का समय निर्धारित किया गया है। पूरी रात चलने के बाद यह बस सुबह 5:20 बजे चंडीगढ़ पहुंच जाएगी। इस बस सेवा के जरिए कामकाजी लोग और व्यापारी रातभर का सफर कर सुबह अपने गंतव्य पर पहुंचकर काम शुरू कर सकेंगे।
इन इलाकों के यात्रियों को मिलेगा सीधा लाभ
यह बस सेवा विशेष रूप से उन लोगों के लिए फायदेमंद है जो गुरुग्राम या दिल्ली में काम करते हैं और सप्ताहांत पर हरियाणा के अन्य जिलों या जयपुर जाना चाहते हैं। बावल और कोटपुतली जैसे औद्योगिक क्षेत्रों के लिए भी यह बस कनेक्टिविटी का एक बड़ा साधन बनकर उभरी है। परिवहन विभाग का कहना है कि रात्रि सेवा की बसों में सुरक्षा और समयबद्धता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे बस स्टैंड पर समय से पहले पहुंचकर अपनी सीट सुनिश्चित करें।

