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Haryana Sarpanch Salary: हरियाणा में पंचायतों के लिए नई डिजिटल व्यवस्था

AAmandeep Singh
हरियाणा में पंचायतों के लिए नई डिजिटल व्यवस्था
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हरियाणा। हरियाणा सरकार ने ग्रामीण राजनीति की धुरी माने जाने वाले सरपंचों और पंचों के लिए मानदेय भुगतान की प्रक्रिया को पूरी तरह बदलने का निर्णय लिया है। प्रदेश की 6188 पंचायतों के चुने हुए प्रतिनिधियों को अब अपने वेतन के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे। सरकार आगामी 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के मौके पर एक क्लिक के जरिए सीधे बैंक खातों में मानदेय भेजने की शुरुआत करने जा रही है। इस फैसले से प्रदेश के करीब 65 हजार से अधिक जनप्रतिनिधियों को सीधा लाभ पहुंचेगा।

12 साल पहले हुई थी मानदेय की शुरुआत

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हरियाणा में पंचायत प्रतिनिधियों को वेतन देने का इतिहास करीब 12 साल पुराना है। साल 2012 में तत्कालीन सरकार ने सरपंचों और पंचों की लंबी मांग के बाद मानदेय की व्यवस्था लागू की थी। उस समय जनप्रतिनिधियों का तर्क था कि यदि सांसद और विधायक को जनसेवा के बदले वेतन मिल सकता है, तो जमीनी स्तर पर काम करने वाले पंचायत सदस्यों को क्यों नहीं। 2012 में शुरुआत के वक्त सरपंच को 2,000 रुपये और पंच को 600 रुपये मिलते थे, जिसे समय-समय पर बढ़ाया गया।

वेतन में हुई भारी बढ़ोतरी और नया शेड्यूल

वर्तमान में हरियाणा सरकार सरपंचों को 5,000 रुपये और पंचों को 1,600 रुपये मासिक मानदेय दे रही है। साल 2015 में यह राशि क्रमशः 3,000 और 1,000 रुपये थी, जिसे 2023 में संशोधित कर मौजूदा स्तर पर लाया गया। नई व्यवस्था के तहत अब भुगतान का रिकॉर्ड डिजिटल रहेगा, जिससे देरी की गुंजाइश खत्म हो जाएगी। पंचायत विभाग ने स्पष्ट किया है कि 20 मार्च तक सभी प्रतिनिधियों के बैंक पासबुक की फोटोकॉपी पोर्टल पर अपलोड करनी अनिवार्य है, ताकि डेटा बेस तैयार हो सके।

भ्रष्टाचार पर वार और पारदर्शिता पर जोर

पंचायत विभाग के अधिकारियों का मानना है कि इस कदम का मुख्य उद्देश्य सिस्टम से बिचौलियों को खत्म करना है। सरपंच गांव का प्रधान होता है और विकास कार्यों के लिए फंड का प्रबंधन वही करता है। ऐसे में उनका मानदेय सीधे खाते में आने से उनके पद की गरिमा बढ़ेगी और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद 24 अप्रैल को RTGS के जरिए प्रदेशभर के प्रतिनिधियों के खातों में एक साथ राशि हस्तांतरित करेंगे, जिससे भ्रष्टाचार की संभावना शून्य हो जाएगी।

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