Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Haryana School Admission: हरियाणा स्कूल एडमिशन: पहली कक्षा के लिए 6 साल की उम्र अनिवार्य, नियमों में बड़ा बदलाव

AAmandeep Singh
हरियाणा स्कूल एडमिशन: पहली कक्षा के लिए 6 साल की उम्र अनिवार्य, नियमों में बड़ा बदलाव
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। हरियाणा में 1 अप्रैल से शुरू हुए नए शैक्षणिक सत्र के साथ ही स्कूलों में दाखिले की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी बीच प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए स्पष्ट किया है कि अब पहली कक्षा में केवल उन्हीं बच्चों का नामांकन होगा जिन्होंने 6 साल की आयु पूरी कर ली है। सरकार ने इसके लिए बाकायदा ‘हरियाणा विद्यालय शिक्षा नियम-2003’ में संशोधन कर नई अधिसूचना जारी कर दी है। यह बदलाव नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) को जमीन पर उतारने की कवायद का हिस्सा है, ताकि बच्चों के मानसिक विकास के अनुरूप ही उनकी पढ़ाई शुरू हो सके।

सितंबर तक उम्र पूरी करने वालों को राहत, दहिया ने जारी की अधिसूचना

विज्ञापन

स्कूल शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव विजय सिंह दहिया द्वारा जारी किए गए नए संशोधन नियम-2026 के मुताबिक, उम्र की गणना को लेकर थोड़ी लचीली व्यवस्था भी दी गई है। जो बच्चे 1 अप्रैल को 6 साल के नहीं हुए हैं, लेकिन अगले 6 महीनों यानी 30 सितंबर तक अपनी 6 साल की आयु पूरी कर लेंगे, उन्हें भी इसी सत्र में दाखिला मिल सकेगा। हालांकि, 30 सितंबर के बाद 6 साल की उम्र पूरी करने वाले बच्चों को अब एक साल का लंबा इंतजार करना होगा और उनका दाखिला अगले साल के शैक्षणिक सत्र में ही हो पाएगा।

आरटीआई एक्ट और विस्तारित अवधि का फायदा

शिक्षा के अधिकार अधिनियम (RTE) और हरियाणा नि:शुल्क शिक्षा नियमों के तहत दाखिले की इस छह महीने की विस्तारित अवधि को विशेष रूप से उन अभिभावकों के लिए रखा गया है जिनके बच्चों का जन्मदिन सत्र के बीच में आता है। जैसे ही बच्चा इस अवधि के भीतर 6 वर्ष का होगा, वह उसी दिन स्कूल में प्रवेश का पात्र बन जाएगा। पुरानी व्यवस्था में 5 साल की उम्र में दाखिला मिल जाता था, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि 6 साल की उम्र औपचारिक स्कूली शिक्षा (Primary Schooling) शुरू करने के लिए अधिक वैज्ञानिक और प्रभावी है।

छूटे हुए सिलेबस की जिम्मेदारी अब स्कूल हेड की

देरी से दाखिला लेने वाले बच्चों की पढ़ाई पर असर न पड़े, इसके लिए सरकार ने मास्टर प्लान तैयार किया है। नियम स्पष्ट करते हैं कि जो बच्चे 30 सितंबर के करीब या सत्र शुरू होने के कुछ महीनों बाद प्रवेश लेंगे, उनका पिछला सिलेबस पूरा कराने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित स्कूल के मुखिया (Principal/Headmaster) की होगी। इसके लिए स्कूलों को विशेष प्रशिक्षण या अतिरिक्त कक्षाएं लगानी होंगी ताकि बाद में आने वाले बच्चे भी क्लास के बाकी छात्रों के साथ तालमेल बैठा सकें।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।