Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Haryana Sex Ratio : हरियाणा में लिंगानुपात का गिरा ग्राफ: सिरसा में 1000 लड़कों पर महज 883 बेटियां

AAmandeep Singh
हरियाणा में लिंगानुपात का गिरा ग्राफ: सिरसा में 1000 लड़कों पर महज 883 बेटियां
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

हरियाणा। जिसने ‘बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ’ के जरिए देश भर में अपनी एक नई पहचान बनाने की कोशिश की थी, वहां से एक बार फिर विचलित करने वाली खबरें आ रही हैं। सिरसा जिले में लिंगानुपात के ग्राफ में आई अचानक गिरावट ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार की नींद उड़ा दी है। साल 2026 के अप्रैल माह तक के पंजीकरण आंकड़ों पर गौर करें तो सिरसा का लिंगानुपात (SRB) लुढ़क कर 883 पर आ गया है। हैरानी की बात यह है कि मार्च तक स्थिति काफी हद तक नियंत्रण में थी और यह आंकड़ा 900 के पास बना हुआ था, लेकिन महज एक महीने में 17 अंकों की गिरावट ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

आंकड़ों की बाजीगरी या जमीनी हकीकत?

विज्ञापन

स्वास्थ्य विभाग की ताज़ा रिपोर्ट बताती है कि इस साल के पहले चार महीनों में सिरसा जिले में कुल 5548 बच्चों का जन्म दर्ज हुआ। इसमें लड़कों की संख्या 2947 रही, जबकि लड़कियों का आंकड़ा महज 2601 पर सिमट गया। इसी असंतुलन के कारण जिला अब प्रदेश की सूची में ‘रेड जोन’ यानी चिंताजनक श्रेणी में आ खड़ा हुआ है। यह गिरावट न केवल प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करती है, बल्कि उन अवैध लिंग जांच केंद्रों की सक्रियता की भी पोल खोलती है, जो चोरी-छिपे इस घिनौने अपराध को अंजाम दे रहे हैं।

अब शादी के मंडप में गूंजेगा ‘बेटी बचाओ’ का संकल्प

इस गिरते ग्राफ को देखते हुए हरियाणा सरकार ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने स्पष्ट कर दिया है कि अब यह लड़ाई सिर्फ अस्पतालों और पुलिस थानों तक सीमित नहीं रहेगी। राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में यह तय किया गया है कि अब विवाह संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी और ग्रंथी भी इस मुहिम का हिस्सा होंगे। वे फेरों या निकाह के वक्त नवविवाहित जोड़ों को कन्या भ्रूण हत्या के विरुद्ध शपथ दिलाएंगे, ताकि समाज की सोच को जड़ से बदला जा सके।

अवैध एमटीपी किट और अल्ट्रासाउंड केंद्रों पर कसेगा शिकंजा

सरकार ने उन रास्तों को बंद करने की तैयारी कर ली है जिनसे भ्रूण हत्या को बढ़ावा मिलता है। डॉ. सुमिता मिश्रा के निर्देशों के बाद अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग का साझा दस्ता उन मेडिकल स्टोरों पर सर्जिकल स्ट्राइक करेगा जो बिना डॉक्टर की पर्ची के एमटीपी किट बेच रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2025-26 के दौरान 1,240 ठिकानों पर छापेमारी की गई, जिसमें 44 दुकानें सील की गईं। सरकार का दावा है कि साल 2010 में जो लिंगानुपात 838 था, वह 2025 में सुधरकर 923 तक पहुंचा था, लेकिन सिरसा जैसे जिलों में आई ताज़ा गिरावट बताती है कि अभी ‘सहेली नेटवर्क’ और रिवर्स ट्रैकिंग सिस्टम को और ज्यादा पैना करने की ज़रूरत है।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।