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Solar Energy Haryana:

AAmandeep Singh
पीएम सूर्य घर योजना: हरियाणा के 2.2 लाख घरों पर लगेंगे सोलर पैनल, जानें अंत्योदय परिवारों को कैसे मिलेगी भारी सब्सिडी
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हरियाणा। चंडीगढ़ से लेकर सिरसा और नारनौल तक, हरियाणा के घर-घर में अब सौर ऊर्जा की चर्चा है। प्रदेश सरकार की दूरगामी नीतियों और केंद्र की पीएम सूर्य घर योजना के समन्वय ने हरियाणा को सौर ऊर्जा के क्षेत्र में देश के अग्रणी राज्यों की कतार में खड़ा कर दिया है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) और दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (DHBVN) के साथ मिलकर हरेडा (HAREDA) जैसी एजेंसियां इस मिशन को युद्ध स्तर पर आगे बढ़ा रही हैं। प्रवक्ता के अनुसार, हरियाणा ने कृषि क्षेत्र में सोलर पंप लगाने के मामले में पूरे देश में दूसरा स्थान हासिल कर एक नया कीर्तिमान रचा है।

पी.एम. सूर्य घर योजना: 61 हजार से ज्यादा घरों ने चुनी ‘मुफ्त बिजली’

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प्रवक्ता ने जानकारी दी कि राज्य में अब तक 61,875 घरों की छतों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं। सरकार का रोडमैप बिल्कुल स्पष्ट है—अगले एक साल के भीतर इस आंकड़े को 2.2 लाख तक ले जाना है। इस योजना की सबसे बड़ी खूबसूरती यह है कि इसमें केवल बिजली की बचत ही नहीं होती, बल्कि अगर कोई उपभोक्ता अपनी जरूरत से ज्यादा बिजली बनाता है, तो वह उसे ग्रिड को बेचकर आर्थिक लाभ भी कमा सकता है। यानी अब उपभोक्ता सिर्फ ‘ग्राहक’ नहीं, बल्कि ‘बिजली उत्पादक’ भी बन रहा है।

अंत्योदय परिवारों के लिए ‘गोल्डन ऑफर’

खट्टर-सैनी सरकार का विशेष ध्यान समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े अंत्योदय परिवारों पर है। जिनकी वार्षिक आय 1.80 लाख रुपये से कम है और जो बिजली के बिलों के बोझ तले दबे रहते थे, उनके लिए राज्य सरकार ने ‘सौर ऊर्जा प्रोत्साहन योजना’ के तहत अतिरिक्त वित्तीय मदद का प्रावधान किया है।

योजना का लाभ: यदि किसी अंत्योदय परिवार की वार्षिक खपत 2400 यूनिट से कम है और उसका पिछला कोई बिल बकाया नहीं है, तो उसे 2 किलोवाट के सोलर प्लांट पर केंद्र की सब्सिडी के अलावा 25,000 रुपये या लागत का 40% (जो भी कम हो) की अतिरिक्त राज्य सहायता दी जा रही है।

25 साल की बेफिक्री और 90% की बचत

जानकारों का मानना है कि सौर ऊर्जा में निवेश एक ऐसा सौदा है जो 4-5 साल में अपनी लागत वसूल कर लेता है और अगले 20-25 साल तक मुफ्त बिजली सुनिश्चित करता है। मध्यम वर्गीय परिवारों और छोटे उद्योगों के लिए यह योजना किसी वरदान से कम नहीं है, क्योंकि इससे मासिक बिजली बिल में 90 प्रतिशत तक की भारी कमी दर्ज की जा रही है। इसके साथ ही, सरकारी विभागों में भी सोलर पैनल अनिवार्य किए जा रहे हैं ताकि सरकारी खजाने पर बिजली बिलों का बोझ कम किया जा सके।

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