भिवानी। राष्ट्रीय महत्व के कार्य जनगणना (Census) को हल्के में लेना भिवानी के एक शिक्षक को भारी पड़ गया है। राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ीखेड़ा में तैनात शिक्षक सतीश कुमार पर आरोप है कि उन्होंने न केवल अपनी ड्यूटी से किनारा किया, बल्कि टोकने पर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बदसलूकी भी की। मामला तब और बिगड़ गया जब शिक्षक की कार्यशैली की शिकायत चार्ज ऑफिसर (तहसीलदार) तक पहुंची। प्रशासन ने इस अनुशासनहीनता को गंभीरता से लेते हुए तुरंत पुलिस कार्रवाई के आदेश दिए, जिसके बाद सदर थाना भिवानी में शिक्षक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
शराब पीकर सुपरवाइजर से की बदतमीजी
ड्यूटी पर तैनात सुपरवाइजर रितु ने अपनी शिकायत में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि सतीश कुमार को जनगणना का प्रगणक (Enumerator) नियुक्त किया गया था, लेकिन बार-बार हिदायत देने के बावजूद उन्होंने काम शुरू ही नहीं किया। जब रितु ने देरी का कारण पूछा, तो आरोपी शिक्षक ने शराब के नशे में धुत्त होकर अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया और सुपरवाइजर के साथ गाली-गलौज की। रितु के मुताबिक, सतीश कुमार जनगणना जैसे संवेदनशील कार्य में सहयोग करने के बजाय माहौल खराब कर रहे थे।
प्रशासन की सख्त चेतावनी: कोताही बर्दाश्त नहीं
इस घटनाक्रम के बाद भिवानी के जिला उपायुक्त (DC) साहिल गुप्ता ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जनगणना का काम देश की भविष्य की योजनाओं के लिए बेहद अहम है और इसमें किसी भी तरह की लापरवाही या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। डीसी ने जिले के सभी प्रगणकों और सुपरवाइजरों को चेतावनी दी है कि वे अपने आवंटित कार्य को समय सीमा के भीतर और गंभीरता से पूरा करें। आदेश का उल्लंघन करने या अभद्र व्यवहार करने वालों के खिलाफ इसी तरह सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पुलिस जांच शुरू, शिक्षा विभाग भी करेगा कार्रवाई
सदर थाना पुलिस ने तहसीलदार की लिखित शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि ड्यूटी के दौरान नशे में होने और सरकारी कार्य में बाधा डालने की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। वहीं, माना जा रहा है कि पुलिस केस दर्ज होने के बाद शिक्षा विभाग भी सतीश कुमार को निलंबित करने की तैयारी में है। जिले के अन्य कर्मचारियों के बीच इस कार्रवाई से हड़कंप मचा हुआ है।

