Haryana Traffic Rules: हरियाणा की सड़कों पर अब ट्रैफिक नियमों को तोड़ना वाहन चालकों को भारी पड़ने वाला है। हरियाणा पुलिस ने पूरे प्रदेश में ‘नेक्स्ट जेन ई-चालान’ प्रणाली को अमलीजामा पहना दिया है।
पुलिस महानिदेशक ( DGP Ajay Singhal Haryana) अजय सिंघल ने पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर इस नई व्यवस्था की समीक्षा की। (Haryana Traffic Police E Challan) एडीजीपी विकास अरोड़ा (ADGP Vikas Arora Traffic) ने बताया कि सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुरूप यह कदम उठाया गया है, जिससे यातायात उल्लंघन से लेकर चालान के निस्तारण तक की पूरी प्रक्रिया अब समयबद्ध और पारदर्शी हो जाएगी।
45 दिन में चालान स्वीकारें या दें चुनौती, लापरवाही पड़ी तो स्वतः मान लिया जाएगा मंजूर
नई व्यवस्था के तहत किसी भी ट्रैफिक नियम के उल्लंघन के 3 दिनों के भीतर संबंधित वाहन चालक को डिजिटल नोटिस भेज दिया जाएगा। नोटिस मिलने के बाद वाहन मालिक के पास चालान जमा करने या उसे चुनौती देने के लिए 45 दिनों की समय सीमा होगी।
अगर इस दौरान चालक ने कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया, तो चालान को स्वतः स्वीकार (Auto-Accepted) मान लिया जाएगा। यदि कोई चालक चालान को चुनौती देता है, तो उसकी शिकायत का निपटारा 30 दिन में करना अनिवार्य होगा। इसके लिए हर जिले में नोडल और शिकायत निवारण अधिकारी तैनात कर दिए गए हैं।
चालान पेंडिंग रखा तो रुकेगी RC और लाइसेंस की सुविधा, गाड़ी भी हो सकती है सीज
केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167(12) का हवाला देते हुए अधिकारियों ने साफ किया कि अगर किसी वाहन पर चालान पेंडिंग रहता है, तो उसके निस्तारण तक संबंधित ड्राइविंग लाइसेंस या वाहन की आरसी (RC) से जुड़ी तमाम सरकारी सेवाओं पर रोक लगा दी जाएगी। पोर्टल पर भी ऐसे वाहनों को ब्लैकलिस्टेड चिह्नित कर दिया जाएगा।
इतना ही नहीं, नियम 167(13) के तहत तय प्रावधानों के आधार पर पुलिस अधिकारियों को बकाया चालान वाले वाहनों को जब्त और हिरासत में लेने का भी पूरा अधिकार दिया गया है।
जाम लगने से पहले एक्शन में दिखेगी पुलिस, पुराने वाहनों के लिए बने 27 स्क्रैपिंग सेंटर
बैठक के दौरान डीजीपी अजय सिंघल ने जाम की समस्या से निपटने के लिए डेटा आधारित और गूगल मैप्स जैसी तकनीकों के इस्तेमाल का निर्देश दिया। (Section 167 Motor Vehicle Rules) अब पुलिस का ध्यान जाम लगने के बाद ट्रैफिक खोलने के बजाय, जाम की संभावना वाले पॉइंट्स पर पहले से ही बल तैनात करने पर होगा।
वहीं, प्रदूषण पर लगाम लगाने के लिए एनसीआर में बीएस-3 और उससे नीचे के वाहनों पर प्रतिबंध कड़ाई से लागू रहेगा। राज्य में पुराने वाहनों के लिए 27 रजिस्टर्ड स्क्रैपिंग सेंटर बनाए गए हैं, जहां पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराकर नए वाहन की खरीद पर भारी टैक्स छूट और रियायतें पाई जा सकती हैं।

