हरियाणा। हरियाणा के शहरी इलाकों में रहने वाले लाखों परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से पानी और सीवरेज के भारी-भरकम बिलों के बोझ तले दबे उपभोक्ताओं को प्रदेश सरकार ने एक सुनहरा अवसर दिया है। सरकार ने फैसला किया है कि यदि कोई उपभोक्ता 31 मई तक अपने बकाया बिलों का भुगतान करता है, तो उससे ब्याज या जुर्माने के रूप में एक भी पैसा अतिरिक्त नहीं लिया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर स्पष्ट कर दिया है कि यह छूट उन सभी बिलों पर लागू होगी जो 31 दिसंबर 2025 तक बकाया हैं।
10 प्रतिशत के भारी जुर्माने से मिलेगी मुक्ति
दरअसल, हरियाणा में मौजूदा नियमों के मुताबिक यदि कोई उपभोक्ता पानी और सीवरेज बिल का समय पर भुगतान नहीं करता है, तो उस पर हर बार 10 प्रतिशत की दर से भारी ब्याज और जुर्माना (सरचार्ज) थोप दिया जाता है। देखते ही देखते यह राशि मूल बिल से भी कई गुना ज्यादा हो जाती है, जिससे गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के लिए भुगतान करना टेढ़ी खीर बन जाता है।
अब सरकार ने इसी 100 प्रतिशत अधिभार को माफ करने की योजना बनाई है, ताकि नगर निगमों और परिषदों का बकाया पैसा भी सरकारी खजाने में आ सके और लोगों का बोझ भी हल्का हो।
31 मई तक का समय, वरना फिर लगेगा पूरा चार्ज
प्रशासनिक आदेशों के अनुसार, इस योजना का लाभ उठाने के लिए 31 मई 2026 की डेडलाइन तय की गई है। उपभोक्ताओं को केवल अपनी मूल बकाया राशि जमा करानी होगी और उनका रिकॉर्ड क्लियर कर दिया जाएगा।
विभाग का मानना है कि इस कदम से जहां नगर निकायों की वित्तीय स्थिति में सुधार होगा, वहीं उन उपभोक्ताओं को भी मुख्यधारा में आने का मौका मिलेगा जो आर्थिक तंगी या विवाद के चलते वर्षों से बिल नहीं भर पा रहे थे। हालांकि, ध्यान रहे कि यदि निर्धारित तिथि तक बिल नहीं भरा गया, तो उपभोक्ताओं को फिर से भारी जुर्माने के साथ ही भुगतान करना होगा।

