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Haryana Weather Update: हरियाणा में मौसम का तांडव: 17 जिलों में ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट, किसान रहें सावधान

AAmandeep Singh
हरियाणा में मौसम का तांडव: 17 जिलों में ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट, किसान रहें सावधान
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हरियाणा। हरियाणा के अन्नदाता के लिए अप्रैल की शुरुआत मुश्किलों भरी साबित हो रही है। कल दिन भर की तपिश के बाद देर रात अचानक बदले मौसम ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। हिसार से लेकर गुरुग्राम और नारनौल से लेकर भिवानी तक, झमाझम बारिश और तेज हवाओं ने दस्तक दी है। मौसम विभाग ने ताजा बुलेटिन जारी करते हुए आज राज्य के 17 जिलों में ओलावृष्टि और गरज-चमक के साथ ‘ऑरेंज अलर्ट’ घोषित किया है। यह वह समय है जब खेतों में गेहूं की फसल पक कर तैयार है और कई जगहों पर कटाई शुरू हो चुकी है, ऐसे में यह बारिश किसानों के लिए किसी आफत से कम नहीं है।

आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी

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चंडीगढ़ मौसम केंद्र के मुताबिक सिरसा, फतेहाबाद, रोहतक और सोनीपत सहित दक्षिण और पश्चिमी हरियाणा के जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से अंधड़ चल सकता है। वहीं, पंचकूला और अंबाला जैसे उत्तरी जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि एक के बाद एक सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण प्रदेश के ऊपर बादलों का डेरा जमा हुआ है। इससे न केवल तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में भी इजाफा हो सकता है, जिससे जान-माल के नुकसान का खतरा बना हुआ है।

मंडियों और खेतों में बढ़ी बेताबी

किसानों की सबसे बड़ी चिंता मंडियों में पड़े उस अनाज को लेकर है, जिसकी खरीद अभी प्रक्रिया में है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सख्त हिदायत दी है कि कटी हुई फसल को खुले में न छोड़ें। मंडियों में तिरपाल का इंतजाम पुख्ता रखने और अनाज को वेयरहाउस में शिफ्ट करने की सलाह दी गई है। इसके अलावा, बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों के नीचे शरण न लेने की अपील की गई है, क्योंकि तेज हवाओं के दौरान इनके गिरने की प्रबल संभावना है। पशुपालकों को भी अपने मवेशियों को सुरक्षित छत के नीचे रखने को कहा गया है।

अप्रैल भर नहीं मिलेगी राहत!

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन की मानें तो राहत के आसार अभी दूर-दूर तक नजर नहीं आ रहे हैं। 7 और 8 अप्रैल को मौसम अपने चरम पर रहेगा, जबकि 9 अप्रैल को भी उत्तरी हिस्सों में बूंदाबांदी का सिलसिला जारी रह सकता है। चौंकाने वाली बात यह है कि 11-12 अप्रैल को एक और नया सिस्टम सक्रिय होने जा रहा है, जिससे दोबारा आंधी और बारिश के हालात बनेंगे। कुल मिलाकर, इस बार अप्रैल का महीना सामान्य से अधिक नमी वाला रहने वाला है, जो फसल के दाने की गुणवत्ता और चमक को प्रभावित कर सकता है।

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