हरियाणा। हरियाणा में कुदरत के तेवर एक बार फिर तीखे होने वाले हैं। पिछले कुछ दिनों से जारी बादलों की लुका-छिपी के बीच अब मौसम विभाग ने प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि का बड़ा अलर्ट जारी किया है। सक्रिय हो रहे नए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण सोमवार शाम से ही फिजा बदलने लगेगी। मौसम विशेषज्ञों की मानें तो इस बार हवा की रफ्तार काफी तेज रहने वाली है, जिससे न केवल खड़ी फसलों पर असर पड़ सकता है, बल्कि आम जनजीवन भी प्रभावित होने की आशंका है।
7 और 8 अप्रैल को दिखेगा मौसम का रौद्र रूप
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार, असली हलचल मंगलवार और बुधवार को देखने को मिलेगी। इस दौरान हरियाणा-एनसीआर और दिल्ली के आसमान पर काले बादलों का कब्जा रहेगा। धूल भरी आंधी के साथ हल्की से मध्यम दर्जे की बारिश होने के प्रबल आसार हैं।
उत्तरी जिलों में इसका प्रभाव 9 अप्रैल तक बना रह सकता है। इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर सिरसा, फतेहाबाद, हिसार और भिवानी जैसे बेल्ट में देखने को मिलेगा, जहां विभाग ने ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी कर लोगों को सावधान रहने की सलाह दी है।
तापमान का उतार-चढ़ाव और बढ़ता खतरा
प्रदेश में फिलहाल गर्मी ने अपने पैर पसारने शुरू कर दिए थे। हाल ही में अधिकतम तापमान 33.2 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा था, जबकि हिसार और भिवानी में भी पारा 32 डिग्री के पार दर्ज किया गया। हालांकि, अब आने वाले इस वेदर सिस्टम के कारण 10 अप्रैल तक तापमान में फिर से गोता लगाने की उम्मीद है।
दिन और रात के पारे में गिरावट आने से लोगों को उमस भरी गर्मी से तो राहत मिलेगी, लेकिन बेमौसम ओलावृष्टि किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच रही है।

