हरियाणा। हरियाणा के आसमान पर बादलों की आवाजाही ने पिछले कुछ दिनों से जारी भीषण गर्मी और पसीने वाली धूप पर ब्रेक लगा दिया है। आज तड़के हिसार, फतेहाबाद और सिरसा के इलाकों में अचानक बदले मौसम के बाद हुई बूंदाबांदी ने तापमान में गिरावट दर्ज की है।
मौसम विभाग का कहना है कि सक्रिय हो रहे पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण राज्य के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में मानसून जैसी हलचल दिख रही है। कल तक जहां लोग लू के थपेड़ों से परेशान थे, वहीं आज सुबह की ठंडी हवाओं ने जनजीवन को बड़ी राहत पहुंचाई है।
उत्तर हरियाणा में ‘ऑरेंज अलर्ट’, 60 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के अनुसार, पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में अगले 48 घंटों के दौरान मौसम सबसे ज्यादा उग्र रह सकता है। इन जिलों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और आसमानी बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।
इसके अलावा कुरुक्षेत्र, करनाल और जींद बेल्ट में भी 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने के आसार हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन का कहना है कि 11 से 14 मई के बीच हरियाणा और दिल्ली-NCR के अधिकांश हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश का दौर जारी रहेगा, जिससे अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री तक की कमी आ सकती है।
किसानों के लिए चेतावनी: खेतों में काम रोकें, सुरक्षित स्थान पर लें शरण
तेज हवाओं और गरज-चमक के पूर्वानुमान को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों के लिए एडवाइजरी जारी की है। इस समय खेतों में चल रहे कृषि कार्यों को फिलहाल टालने की सलाह दी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि जब बिजली कड़क रही हो, तो किसान भाई पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे छप्पर के नीचे बिल्कुल न रुकें।
तेज आंधी के कारण फसलों और छप्परों को नुकसान हो सकता है, इसलिए पशुओं और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर लेना ही समझदारी है। आने वाले तीन दिन आमजन के लिए भी सावधानी बरतने वाले हैं, खासकर सफर के दौरान पेड़ गिरने या विजिबिलिटी कम होने का खतरा बना रहेगा।

