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Haryana Weather Update: हरियाणा में बिगड़ा मौसम: रेवाड़ी में गिरे ओले, आज इन 7 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट

AAmandeep Singh
हरियाणा में बिगड़ा मौसम: रेवाड़ी में गिरे ओले, आज इन 7 जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट
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हरियाणा। हरियाणा के आसमान से बरस रही राहत की बूंदें अब किसानों के लिए आफत बन चुकी हैं। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में पिछले 24 घंटों से चल रहे बेमौसमी बारिश के दौर ने खेतों में खड़ी और मंडियों में पहुंचने को तैयार गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचाया है। कल जहां हिसार, गुरुग्राम और करनाल जैसे इलाकों में रुक-रुककर फुहारें पड़ीं, वहीं रेवाड़ी में रात के समय हुई ओलावृष्टि ने खेतों को सफेद चादर से ढक दिया। मौसम विभाग ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आज जींद, सोनीपत, पानीपत, करनाल, कैथल, कुरुक्षेत्र और अंबाला में बारिश के साथ तेज आंधी का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

तापमान में भारी गिरावट, दिन में महसूस होने लगी ‘खट्टी-मीठी’ ठंड

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बारिश की वजह से प्रदेश के तापमान में जो बदलाव आया है, वह हैरान करने वाला है। मार्च-अप्रैल की जिस तपिश में गेहूं का दाना पकता है, वहां अब अधिकतम तापमान सामान्य से 8 से 9 डिग्री सेल्सियस नीचे लुढ़क गया है। पिछले कुछ दिनों के भीतर ही पारे में करीब 5.5 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई, जिससे प्रदेश में एक बार फिर गुलाबी ठंड का अहसास होने लगा है। हालांकि पलवल 29.2 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म जिला रहा, लेकिन उत्तर और मध्य हरियाणा के जिलों में दिन का पारा काफी कम रिकॉर्ड किया गया है।

दाना काला पड़ने का डर: क्वालिटी और पैदावार दोनों पर पड़ेगा असर

कृषि विशेषज्ञों और किसानों की सबसे बड़ी चिंता गेहूं की गुणवत्ता को लेकर है। इस समय खेतों में गेहूं की बालियां पूरी तरह पक चुकी हैं और कटाई का सीजन सिर पर है। बार-बार भीगने के कारण गेहूं का दाना छोटा होने और उसका रंग काला पड़ने की प्रबल संभावना है। पछेती गेहूं, जिसमें अभी दाना कच्चा है, वहां फंगस लगने का खतरा बढ़ गया है। जानकारों का कहना है कि अगर बारिश का यह सिलसिला एक-दो दिन और जारी रहा, तो मंडियों में गेहूं की लस्टर लॉस (चमक में कमी) की समस्या आएगी, जिससे किसानों को उचित दाम मिलने में भी दिक्कत हो सकती है।

राहत कब? 11 अप्रैल के बाद ही मिलेगी ‘वेदर अपडेट’ से राहत

मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के मुताबिक, फिलहाल राहत के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। आज भी राज्य के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि की संभावना बनी हुई है। आगामी 9 अप्रैल को उत्तरी हरियाणा के जिलों में बूंदाबांदी हो सकती है और अगले तीन-चार दिनों तक तापमान सामान्य से कम ही रहेगा। राहत की बात केवल इतनी है कि 11 अप्रैल को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय तो होगा, लेकिन वह कमजोर रहने की उम्मीद है, जिसके बाद ही आसमान पूरी तरह साफ होने और धूप खिलने के आसार हैं।

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