हरियाणा। तपती गर्मी और लू के थपेड़ों से जूझ रहे हरियाणा को प्रकृति ने थोड़ा सुकून तो दिया है, लेकिन यह सुकून अपने साथ कुदरत का खौफ भी लेकर आया है। अरब सागर और राजस्थान की तरफ से आ रही नमी के कारण सूबे के आसमान पर काले बादलों का डेरा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के चंडीगढ़ केंद्र ने शनिवार को राज्य के एक बड़े हिस्से में ‘तूफानी हमले’ की आशंका जताते हुए हाई अलर्ट जारी किया है। राहत की बात बस इतनी रही कि इस उथल-पुथल से राज्य के औसतन तापमान में 4.7 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है, जिससे तपती छतों और कंक्रीट के मकानों को थोड़ी ठंडक मिली है।
इन 8 जिलों में ओले गिरने की आशंका, ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक, हरियाणा के 8 जिलों— सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी, नूंह, पलवल और यमुनानगर में मौसम सबसे ज्यादा आक्रामक रुख अख्तियार कर सकता है। इन इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी करते हुए नागरिकों को सावधान रहने को कहा गया है। अनुमान है कि यहां 60 से लेकर 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज धूलभरी आंधी चलेगी, जिसके साथ तेज बारिश और कई स्थानों पर भारी ओलावृष्टि (Hailstorm) खेतों में खड़ी और मंडियों में रखी फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
बाकी जिलों में छाए रहेंगे बादल, येलो अलर्ट के तहत होगी बारिश
इसके अलावा, सूबे के बाकी बचे लगभग सभी प्रमुख हिस्सों जैसे पंचकूला, अंबाला, हिसार, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, जींद, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक में ‘येलो अलर्ट’ प्रभावी रहेगा। इन क्षेत्रों में शनिवार को दिनभर घने बादल छाए रहने, बिजली कड़कने और बीच-बीच में तेज बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है। तेज हवाओं के कारण बिजली के बुनियादी ढांचे और होर्डिंग्स को नुकसान पहुंचने की भी आशंका जताई गई है।
राहत के दिन गिने-चुने, जून में 47 डिग्री के टॉर्चर के लिए रहें तैयार
अगर आप सोच रहे हैं कि इस बारिश के बाद गर्मी का दौर खत्म हो गया है, तो मौसम वैज्ञानिकों का पूर्वानुमान आपको निराश कर सकता है। जानकारों के मुताबिक, यह मौसमी बदलाव महज एक अस्थाई फेज है। जून का महीना लगते ही सूर्य देवता दोबारा अपने पुराने रौद्र रूप में लौट आएंगे। जून के पहले और दूसरे हफ्ते में सूबे के कई शहरों का पारा एक बार फिर 47 डिग्री सेल्सियस या उससे भी पार जा सकता है।
हाल ही में सिरसा और रोहतक में तापमान 46 डिग्री को पार कर चुका है, जो जून में और विकराल होगा। हालांकि, जून के तीसरे हफ्ते से राज्य में प्री-मानसून की दस्तक के साथ ही इस जानलेवा हीटवेव पर परमानेंट ब्रेक लगेगा, जबकि मुख्य मानसून इस बार अपने निर्धारित समय से करीब एक सप्ताह की देरी से हरियाणा की सीमा में प्रवेश करेगा।

