हरियाणा। चंडीगढ़ समेत पूरे हरियाणा में इस समय नौतपा जैसे हालात बने हुए हैं और सूरज के रौद्र रूप ने आम आदमी का जीना मुहाल कर दिया है। सुबह की शुरुआत होते ही तीखी धूप अपना असर दिखाने लगती है और दोपहर होते-होते स्थिति बेहद विकट हो जा रही है। जीटी रोड बेल्ट से लेकर दक्षिण हरियाणा के जिलों तक में दोपहर के समय सड़कें पूरी तरह सुनसान नजर आने लगी हैं। जरूरी काम न होने पर लोग घरों या दफ्तरों से बाहर पैर रखने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहे हैं, जिससे स्थानीय व्यापार और दैनिक मजदूरी करने वालों पर सबसे ज्यादा मार पड़ी है।
रात में भी नहीं मिल रही चैन की नींद, भिवानी सबसे गर्म
इस बार की गर्मी केवल दिन में ही नहीं सता रही, बल्कि अब रातों का मिजाज भी बेहद गर्म हो चला है। दिनभर कंक्रीट के मकान तपने के बाद रात को भी राहत नहीं दे रहे हैं। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, भिवानी में रात का न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड 36 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा है, जिसने लोगों को एसी और कूलरों के सामने भी बेचैन कर दिया है। इसके अलावा हिसार, फरीदाबाद, महेंद्रगढ़, नूंह और रोहतक जैसे जिलों में भी रात का पारा 30 डिग्री सेल्सियस की दहलीज को लांघ चुका है, जिससे उमस और गर्मी का दोहरा हमला झेलना पड़ रहा है।
बिगड़ने लगा सेहत का गणित, डॉक्टरों ने दी विशेष हिदायत
लगातार बढ़ते पारे के बीच राज्य के स्वास्थ्य ढांचे पर भी दबाव दिखने लगा है। चंडीगढ़ और आसपास के जिलों के अस्पतालों में इस समय उल्टी, दस्त, तेज सिरदर्द और पेट की खराबी से पीड़ित मरीजों की कतारें लंबी होने लगी हैं। इस स्थिति को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और मौसम वैज्ञानिकों ने एडवाइजरी जारी कर लोगों से सीधे धूप के संपर्क में आने से बचने को कहा है। डॉक्टरों ने साफ हिदायत दी है कि दोपहर में निकलते समय सिर और चेहरे को सूती कपड़े से ढककर रखें, लगातार पानी पीते रहें और बाहर मिलने वाले खुले व बासी खाने से पूरी तरह परहेज करें।
अभी और सताएगी गर्मी, इस तारीख के बाद ही बदलेगा मौसम
मौसम के इस बदले मिजाज पर पैनी नजर रखने वाले विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने आने वाले दिनों के लिए जो अनुमान जताया है, वह और डराने वाला है। उनके मुताबिक, हालांकि आज एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) उत्तर भारत के पहाड़ों पर सक्रिय हो रहा है, जिससे मैदानी इलाकों में हल्के बादल जरूर दिख सकते हैं, लेकिन इससे तापमान गिरने की कोई उम्मीद नहीं है। प्रदेश में 29 मई तक पारा लगातार चढ़ेगा और हीटवेव का शिकंजा और कसेगा। इसके बाद ही किसी नए मौसमी सिस्टम के बनने से लोगों को इस जानलेवा गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

