Weather Update: हरियाणा में गर्मी ने अप्रैल के मध्य में ही तेज रफ्तार पकड़ ली है। 13 अप्रैल को जारी मौसम विभाग के बुलेटिन के अनुसार राज्य के 19 शहरों में अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया गया। भिवानी सबसे गर्म जिला रहा, जहां पारा 37.4°C तक पहुंच गया। इसके अलावा हिसार, रोहतक, जींद, सिरसा, नूंह, पलवल और महेंद्रगढ़ जैसे जिलों में भी तापमान लगातार बढ़ रहा है। दिन के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण लोगों को झुलसाने वाली गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
तापमान में लगातार हो रही बढ़ोतरी
मौसम विभाग के अनुसार राज्य में औसत अधिकतम तापमान में करीब 1.7°C की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि अभी तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है, लेकिन आगामी दिनों में इसमें तेजी से बढ़ोतरी की संभावना है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि लगातार शुष्क मौसम और साफ आसमान के कारण तापमान में यह उछाल देखा जा रहा है, जिससे दिन के समय गर्मी का असर और अधिक बढ़ेगा।
अगले 7 दिन शुष्क रहेगा मौसम
मौसम विभाग ने अगले सात दिनों तक हरियाणा में मौसम शुष्क रहने का अनुमान जताया है। इस दौरान बारिश की कोई संभावना नहीं है और अधिकतम तापमान में 4 से 6 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी हो सकती है। साथ ही अगले दो दिनों तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है, जो कुछ समय के लिए राहत दे सकती हैं, लेकिन गर्मी के प्रभाव को पूरी तरह कम नहीं कर पाएंगी।
हीट वेव का फिलहाल कोई अलर्ट नहीं
हालांकि तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, लेकिन मौसम विभाग ने फिलहाल हीट वेव की कोई चेतावनी जारी नहीं की है। इसके बावजूद दिन के समय धूप काफी तेज हो गई है, जिससे लोगों को बाहर निकलने में परेशानी हो रही है। विशेषज्ञों ने दोपहर के समय अनावश्यक बाहर निकलने से बचने और पर्याप्त पानी पीने की सलाह दी है।
किसानों के लिए जारी की गई एडवाइजरी
शुष्क मौसम और बढ़ते तापमान को देखते हुए किसानों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गेहूं की फसल में पीला रतुआ और कीटों की नियमित निगरानी जरूरी है। सरसों और तिलहन फसलों में माहू (एफिड) दिखने पर तुरंत नियंत्रण उपाय अपनाने की जरूरत है। इसके अलावा फलों के बागों में हल्की सिंचाई और खाद प्रबंधन जारी रखने की सलाह दी गई है।
तेज हवाओं के बीच फसल सुरक्षा जरूरी
मौसम विभाग ने तेज हवाओं को देखते हुए किसानों को कटी हुई फसल को सुरक्षित बांधकर रखने की सलाह दी है। अगले 3-4 दिनों में मौसम में बदलाव की संभावना को देखते हुए नई बुवाई और स्प्रे कार्य टालने की भी सलाह दी गई है। पशुपालकों को भी अपने पशुओं को दिन में छांव में रखने और पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं ताकि हीट स्ट्रेस से बचाव हो सके।

