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Haryana Weather Update: सावधान! हरियाणा में 17 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम, इन जिलों में बारिश के आसार

AAmandeep Singh
सावधान! हरियाणा में 17 अप्रैल से फिर बदलेगा मौसम, इन जिलों में बारिश के आसार
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हरियाणा।  हरियाणा में इस बार गर्मी ने अप्रैल के महीने में ही अपने असली तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सूरज की तपिश अब न केवल पसीने छुड़ा रही है, बल्कि दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा भी पसरने लगा है। चंडीगढ़ मौसम केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, वर्तमान में सक्रिय कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण तापमान में अचानक उछाल आया है। प्रदेश के फरीदाबाद जिले में गर्मी का सबसे ज्यादा असर देखा गया, जहां अधिकतम तापमान 39.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इसके अलावा गुरुग्राम, हिसार, सिरसा और रोहतक जैसे प्रमुख शहरों में भी पारा 38 डिग्री सेल्सियस की दहलीज को पार कर चुका है, जो सामान्य से अधिक है।

पश्चिमी विक्षोभ का असर: 17 अप्रैल से बदल सकती है करवट

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मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि वर्तमान में चल रही 8 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली पश्चिमी शुष्क हवाएं वातावरण को और ज्यादा गर्म बना रही हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि 17 अप्रैल से उत्तर भारत के पहाड़ों पर एक और पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाला है। इसके प्रभाव से हरियाणा के उत्तरी और पश्चिमी जिलों में आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और कुछ स्थानों पर हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। हालांकि, यह बदलाव बहुत व्यापक नहीं होगा, लेकिन इससे तापमान में हो रही बेतहाशा बढ़ोतरी पर कुछ समय के लिए लगाम जरूर लग सकती है। 16 अप्रैल तक प्रदेश में मौसम पूरी तरह शुष्क रहने की संभावना है।

किसानों के लिए चुनौतीपूर्ण समय, कटाई को लेकर सतर्कता जरूरी

यह मौसम कृषि प्रधान हरियाणा के किसानों के लिए बेहद संवेदनशील है। खेतों में गेहूं की फसल पककर तैयार है और कटाई का काम जोरों पर है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को मशविरा दिया है कि वे तेज धूप और दोपहर की तपिश से बचने के लिए गेहूं की कटाई का काम सुबह जल्दी या शाम के वक्त ही निपटाएं। चूंकि 17 अप्रैल के बाद हल्की बारिश और तेज हवाओं की संभावना है, इसलिए कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर रखने या तिरपाल आदि का इंतजाम करने की सलाह दी गई है। साथ ही, सब्जियों और बागवानी की फसलों में नमी बनाए रखने के लिए शाम के समय हल्की सिंचाई करने को कहा गया है।

पशुपालन और सेहत का रखें ध्यान

बढ़ते तापमान ने केवल इंसानों ही नहीं, बल्कि बेजुबान पशुओं की मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। पशुपालन विभाग ने डेयरी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे पशुओं को दिन में कम से कम तीन से चार बार ताजा पानी पिलाएं और उन्हें छायादार व हवादार स्थानों पर ही बांधें। इंसानों के लिए भी डॉक्टरों ने सलाह दी है कि वे दोपहर 12 से 4 बजे के बीच सीधे धूप में निकलने से बचें और शरीर में पानी की कमी न होने दें। रात के तापमान में भी अब धीरे-धीरे बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है, नारनौल में न्यूनतम तापमान 21.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जो इस बात का संकेत है कि अब रातें भी उतनी सुकून भरी नहीं रहेंगी।

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