Breaking News
Magha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं कियाMagha Shraddha 2026: 7 अक्टूबर को है मघा श्राद्ध, जानें द्वादशी तिथि पर तर्पण का शुभ समय और नियमKaithal Nursing Staff Strike: ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी के खिलाफ कैथल में नर्सिंग स्टाफ का हल्लाबोल, 5 से 7 अक्टूबर तक हड़तालMahendragarh : हकेवि की डॉ. सुमन रानी को मिला ‘श्रेष्ठ शिक्षक अवार्ड’, शिक्षा मंत्री ने किया सम्मानितNarnaul: हरियाणा के सभी जिलों में 8 अक्ट्रबर को होगा ‘वोट बचाओ-देश बचाओ’ विशाल रोष मार्चCEC ज्ञानेश कुमार मामले में SC ने EC से मांगा जवाब, CJI बोले Form-6 पर- हमने कोई बदलाव मंजूर नहीं किया

Haryana Weather Update: हरियाणा में 48 घंटे का 'येलो अलर्ट': ओलावृष्टि और 50KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

AAmandeep Singh
हरियाणा में 48 घंटे का 'येलो अलर्ट': ओलावृष्टि और 50KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
शेयर करें
AI Quick Summary

Want to save time? Let our AI read the article and give you 3 quick bullet points.

Listen to this article
AUDIO VERSION

 हरियाणा। चंडीगढ़ समेत समूचे हरियाणा में मौसम एक बार फिर करवट लेने को तैयार है। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का सीधा असर मैदानी इलाकों में दिखने लगा है, जिसके चलते मार्च के महीने में भी गुलाबी ठंड का अहसास बना हुआ है। मौसम विभाग (IMD) की ताजा भविष्यवाणी ने प्रदेश सरकार और किसानों की चिंता बढ़ा दी है। 19 और 20 मार्च को राज्य के अधिकांश हिस्सों में तेज मानसूनी हवाओं जैसी स्थिति बन सकती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस दौरान न केवल बादल बरसेंगे, बल्कि कई जिलों में ओले गिरने की भी प्रबल संभावना है।

इन जिलों में ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा खतरा

विज्ञापन

मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, 19 मार्च को पश्चिमी हरियाणा के जिलों में मौसम का सबसे उग्र रूप देखने को मिल सकता है। सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी और रोहतक में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और ओलावृष्टि होने का अंदेशा है। वहीं, 20 मार्च को बारिश का दायरा बढ़कर उत्तर और दक्षिण हरियाणा तक फैल जाएगा। यमुनानगर, अंबाला, करनाल और पंचकूला के साथ-साथ दिल्ली से सटे गुरुग्राम, फरीदाबाद और पलवल में भी मौसम विभाग ने ओलों को लेकर अलर्ट जारी किया है।

किसानों के लिए मौसम बना ‘विलेन’

इस समय हरियाणा के खेतों में रबी की फसलें पकने की कगार पर हैं और कई जगहों पर कटाई का काम भी शुरू हो चुका है। ऐसे में तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरना सोना उगलने वाली मिट्टी पर आफत बनकर टूट सकते हैं। कृषि विभाग ने एडवाइजरी जारी करते हुए किसानों से अपील की है कि वे अगले दो दिनों तक फसलों में किसी भी तरह की सिंचाई न करें। जिन किसानों ने फसल काट ली है, उन्हें सलाह दी गई है कि वे अनाज को सुरक्षित स्थानों पर स्टोर करें या तिरपाल से ढंक कर रखें ताकि नमी से नुकसान न हो।

पारे में उतार-चढ़ाव का दौर जारी

पिछले 24 घंटों के भीतर हरियाणा के तापमान में भी काफी अस्थिरता देखी गई है। राज्य में फिलहाल सबसे गर्म जिला नूंह रहा, जहां पारा 32.1 डिग्री सेल्सियस तक जा पहुंचा। इसके उलट, सिरसा में न्यूनतम तापमान 10.3 डिग्री तक गिर गया, जिसने मार्च के महीने में जनवरी जैसी सिहरन पैदा कर दी है। हिसार में भी तापमान सामान्य से करीब 4.8 डिग्री नीचे दर्ज किया गया है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 21 मार्च के बाद ही आसमान साफ होगा और लोगों को इस लुका-छिपी वाले मौसम से राहत मिल पाएगी।

विज्ञापन

हरियाणा की और ख़बरें

ताज़ा ख़बरें सीधे अपने ईमेल पर

जगमार्ग न्यूज़ की बड़ी ख़बरें रोज़ अपने इनबॉक्स में पाएं। मुफ़्त, कभी भी अनसब्सक्राइब करें।